खाकी की सुस्ती: सड़क हादसे में पिता का टूटा पैर, बेटी भी घायल; 5 दिन बाद भी ढेबरुआ पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

गुरु जी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। थाना ढेबरुआ क्षेत्र के अंतर्गत एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की टक्कर से पिता-पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित का आरोप है कि घटना के चार-पांच दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है, जिससे आहत होकर पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए गुहार लगा रहा है।
**क्या है पूरा मामला?**
थाना ढेबरुआ क्षेत्र के ग्राम खजुरिया गर्बी निवासी पीड़ित मंगरे चौरसिया ने थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि यह घटना **8 जून 2026** की शाम लगभग 6 बजे की है।
* वह अपनी पुत्री महिमा चौरसिया के साथ जा रहे थे।
* **ढेकहरी गौशाला** के पास ग्राम ढेकहरी बुजुर्ग निवासी दर्शन (पुत्र सुखदेव) ने अपनी मोटरसाइकिल (**यूपी 55 एबी 6635**) को तेजी और लापरवाही से चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
**हादसे में गंभीर चोटें, पैर में बंधा प्लास्टर**
इस भीषण टक्कर में मंगरे चौरसिया का दाहिना पैर टूट गया, जबकि उनकी बेटी महिमा को भी गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
| घायल का नाम | चोट का विवरण | वर्तमान स्थिति |
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| **मंगरे चौरसिया** (पिता) | दाहिना पैर टूटा, शरीर पर अन्य चोटें | डॉक्टर ने पैर पर प्लास्टर चढ़ाया है। |
| **महिमा चौरसिया** (पुत्री) | पैरों और शरीर में गंभीर चोटें | चोट के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ। |
घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को **प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी** ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने बलरामपुर जिले के पचपेड़वा थाना क्षेत्र स्थित जुड़ी कुइया के डॉ. इश्तियाक अहमद से उनका इलाज करवाया, जहां मंगरे चौरसिया के पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया।
**पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप** “घटना को गुजरे चार से पांच दिन हो चुके हैं। ढेबरुआ थाने में लिखित तहरीर देने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आरोपी खुलेआम घूम रहा है और हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है।”
 **मंगरे चौरसिया, पीड़ित**
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने, दोषी मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद ढेबरुआ पुलिस कुंभकर्णी नींद से जागती है या पीड़ित को न्याय के लिए और भटकना पड़ेगा।