📅 Published on: July 1, 2026
गुरु जी की कलम से
काठमांडू।
नेपाल के मुस्तांग जिले में यूरेनियम खनन को लेकर नेपाली सेना और अमेरिकी सेना के बीच कथित समझौते की चर्चाओं पर नेपाल सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने राष्ट्रीय सभा में स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और सरकार ने किसी भी देश या संस्था के साथ यूरेनियम खनन संबंधी कोई समझौता नहीं किया है।
संसद में सरकार का रुख साफ
संसद में सांसदों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री खनाल ने कहा कि कुछ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित दावों का संबंधित सरकारी निकाय पहले ही खंडन कर चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा: “नेपाल की विदेश नीति असंलग्नता और पंचशील के सिद्धांतों पर आधारित है। सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी जिससे देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों या स्वतंत्र विदेश नीति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।”
प्रारंभिक अध्ययन और आगे की योजना
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि मुस्तांग क्षेत्र में खनिज संसाधनों की संभावना को लेकर प्रारंभिक अध्ययन जरूर हुए हैं, जिनमें खनिज भंडार होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इस विषय में विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन और अन्वेषण की आवश्यकता है, जिसके लिए खानी एवं भूगर्भ विभाग आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।राष्ट्रीय हित और पारदर्शिता सर्वोपरि
नेपाल सरकार ने इसके साथ ही यह दोहराया है कि संविधान-2072 के प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। देश के प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से संबंधित हर निर्णय को पारदर्शिता, कानून और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ही लिया जाएगा।