गुरु जी की कलम से: यूपी में ग्रामीण रोजगार का नया सवेरा, आज से लागू हुई ‘वीबी-जी राम जी’ योजना

**मनरेगा की जगह लेगा नया मिशन; कल पूरे प्रदेश में सजेंगे जन सम्मेलन, एक साथ शुरू होंगे 10 हजार विकास कार्य**

Kapilvastupost
**लखनऊ, 1 जुलाई।** उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका की तस्वीर बदलने के लिए आज से एक नया अध्याय शुरू हो गया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी **”विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G)** योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है। यह नई योजना अब तक चल रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का स्थान लेगी। योगी सरकार ने इसके बेहतर और सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी जिला प्रशासनों को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
### प्रयागराज से डिप्टी सीएम करेंगे राज्य स्तरीय शुभारंभ
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि इस ऐतिहासिक शुरुआत को उत्सव के रूप में मनाने के लिए 2 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश में राज्यव्यापी जन सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें उपमुख्यमंत्री खुद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री इस योजना का औपचारिक शिलान्यास करेंगे।
### हर ब्लॉक की दो पंचायतों में जुटेंगे ग्रामीण, एक दिन में शुरू होंगे 10,000 कार्य
योजना के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश के हर विकास खंड (ब्लॉक) की दो चिन्हित ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, श्रमिक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और ग्रामीण शामिल होंगे, जिन्हें योजना के नए नियमों और लाभों की जानकारी दी जाएगी।
इस ऐतिहासिक दिन पर उत्तर प्रदेश में एक साथ **10 हजार नए विकास कार्यों** की नींव रखी जाएगी। इस मामले में पूर्वांचल और अवध के जिले सबसे आगे हैं:
* **आजमगढ़:** 342 कार्य
* **जौनपुर:** 337 कार्य
* **गाजीपुर:** 326 कार्य
* **सीतापुर:** 319 कार्य
### अब 100 नहीं, मिलेंगे 125 दिन का रोजगार; बदलेंगे साइन बोर्ड
इस नई ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में **125 दिनों के रोजगार की गारंटी** मिलेगी। योजना में पूरी तरह से डिजिटल पारदर्शिता रखी गई है और मुख्य फोकस गांवों को आत्मनिर्भर बनाने व आजीविका संवर्धन पर है। बदलाव के तहत ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों में पुराने मनरेगा के साइन बोर्ड और सूचना पट्टों को तुरंत हटाकर नई योजना के नाम से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और जिला कार्यक्रम समन्वयकों को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि जन सम्मेलनों की तैयारियों में कोई कमी न रहे। सरकार का दावा है कि यह योजना न सिर्फ ग्रामीण युवाओं और श्रमिकों को रोजगार देगी, बल्कि यूपी के गांवों को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।