📅 Published on: July 8, 2026
Kapilvastupost
**सिद्धार्थनगर।**
नगर पंचायत भारतभारी क्षेत्र में विकास के दावों की पोल खोलती एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। रीवा से करौता तक करीब **2.36 किलोमीटर लंबी** नवनिर्मित सीसी (सीमेंट कंक्रीट) सड़क निर्माण के तुरंत बाद ही बदहाल होने लगी है। **2 करोड़ 32 लाख रुपये** की भारी-भरकम लागत से बनी इस सड़क की गिट्टियां अभी से उखड़ने लगी हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग करार दिया है।
**बारिश की पहली बौछार भी नहीं झेल सकी सड़क**
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क का निर्माण कार्य अभी हाल ही में पूरा हुआ था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बिना किसी भारी यातायात और महज हल्की बारिश व सामान्य आवागमन के कारण ही सड़क की ऊपरी परत टूटकर बिखरने लगी है। कई जगहों पर कंक्रीट पूरी तरह गायब हो चुकी है और नुकीली गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया है।
**मानकों को ताक पर रखकर हुआ निर्माण, मिलीभगत का आरोप**
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार और नगर पंचायत प्रशासन की मिलीभगत से इस पूरी परियोजना में जमकर धांधली की गई है। सड़क निर्माण के दौरान:
* निर्धारित मानकों (जैसे तय मोटाई और उचित कंपेक्शन) की पूरी तरह अनदेखी की गई।
* बेहद घटिया दर्जे की गिट्टी, रेत और सीमेंट का इस्तेमाल किया गया।
* कंक्रीट को मजबूत होने के लिए जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज किया गया।
**”इस सड़क का निर्माण क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह रीवा, करौता और नौवागांव होते हुए बांसी तक के मुख्य आवागमन को जोड़ती है। हमने इस बदइंतजामी के खिलाफ कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”**
> — *पंकज पाण्डेय, स्थानीय निवासी*
**अधिकारियों का रुख: जांच के बाद होगी कार्रवाई**
मामले के तूल पकड़ने और चौतरफा विरोध के बाद नगर पंचायत प्रशासन बैकफुट पर है। इस संबंध में जब नगर पंचायत की **अधिशासी अधिकारी (EO) रजनी गुप्ता** से बात की गई, तो उन्होंने माना कि सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, *”मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो दोषी ठेकेदार और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”*
अब देखना यह होगा कि यह आश्वासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर जनता के टैक्स के पैसों की इस बर्बादी पर कोई वास्तविक एक्शन होता है।