इटवा के चौखड़ा गांव में खूनी संघर्ष: दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे, आधा दर्जन लोग घायल

**पहले से शिकायत के बावजूद नहीं टला विवाद; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल**

निजाम अंसारी
**सिद्धार्थनगर।**
जिले के इटवा थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे निकल आए। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस विवाद की लिखित शिकायत करीब एक हफ्ते पहले (14 जुलाई) ही थाने में की जा चुकी थी, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण यह मामला आज खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
**लाठी-डंडों से आमने-सामने आए दो पक्ष**
मिली जानकारी के अनुसार, चौखड़ा गांव में दो परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। देखते ही देखते विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों के साथ सड़क पर उतर आए। मारपीट इतनी हिंसक थी कि गांव में अफरा-तफरी मच गई और दोनों तरफ से मिलाकर लगभग 6 लोग लहुलुहान हो गए।
**समय रहते जागती पुलिस, तो टल सकती थी घटना**
ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस संभावित टकराव की जानकारी 14 जुलाई को ही इटवा थाने को दे दी गई थी। अगर पुलिस ने उस समय शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई की होती, तो आज यह हिंसक झड़प नहीं होती। पुलिस की इसी सुस्ती के कारण आज दोनों पक्ष बेखौफ होकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।
**गांव में तनाव का माहौल:** घटना के बाद से ही चौखड़ा गांव में भारी तनाव व्याप्त है। स्थानीय लोग पुलिस की सक्रियता और विवाद निस्तारण के दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
**मौके पर पहुंची पुलिस, जांच में जुटी**
घटना की सूचना मिलते ही इटवा थाना पुलिस ने दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित किया।
* **घायलों का उपचार:** सभी घायल व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
* **कानूनी कार्रवाई:** पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
**पुलिस का पक्ष:**
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।