सिद्धार्थनगर: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 7 साल की कड़ी सजा, कोर्ट ने लगाया 15 हजार का जुर्माना

गुरु जी की कलम से
**सिद्धार्थनगर।** उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है।
**क्या है पूरा मामला?**
यह मामला ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र का है। दोषी सुशील (पुत्र सोमई उर्फ खोड़े), जो कि ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगर बढ़नी के वार्ड रामजानकी मंदिर का निवासी है, के खिलाफ एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा था:
* **धारा 363** (अपहरण)
* **धारा 366** (शादी या मजबूर करने के इरादे से महिला का अपहरण)
* **धारा 376** (दुष्कर्म)
* **3/4 पॉक्सो एक्ट** (विशिष्ट बाल यौन अपराध संरक्षण कानून)
**अदालत में हुई कड़ी पैरवी**
इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। शासन की ओर से पीड़िता का पक्ष रखते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) **पवन कुमार पाठक** ने प्रभावी पैरवी की।
गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने आरोपी सुशील को नाबालिग से दरिंदगी का दोषी पाया और उसे 7 साल की जेल तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।