📅 Published on: July 29, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर के निजी विद्यालय संचालकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के बैनर तले संचालकों ने प्रशासनिक अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
**3 से 5 साल पुराने स्कूलों को मिले स्थायी मान्यता**
राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुधाकर नाथ तिवारी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि तीन और पांच वर्षों से संचालित निजी विद्यालयों को बिना किसी अड़चन के स्थायी मान्यता दी जाए। इसके अलावा पूर्व-प्राथमिक (प्री-प्राइमरी) कक्षाओं को औपचारिक मान्यता व्यवस्था से जोड़ने और कक्षा 8 तक के सभी विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण प्रणाली लागू करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
**शिक्षकों के लिए ₹5 लाख का कैशलेस इलाज और RTE राशि में बढ़ोतरी**
निजी स्कूल संचालकों ने विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा की बात करते हुए उन्हें **₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा** प्रदान करने की मांग की। संघ ने मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा (RTE) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) राशि को बढ़ाने और सभी पात्र विद्यालयों को बिना विलंब **यू-डायस (UDISE) कोड** आवंटित करने का आग्रह किया।
**फायर NOC और वाहन नियमों में छूट की अपील**
ज्ञापन में विद्यालयों की व्यावहारिक समस्याओं को रेखांकित करते हुए मांग की गई कि:
**15 मीटर तक ऊंचे विद्यालय भवनों** के लिए अग्निशमन विभाग (Fire Department) की NOC की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
* विद्यालयी वाहनों पर लागू परिवहन नियमों में व्यावहारिक संशोधन किए जाएं ताकि संचालकों को अकारण परेशानी न हो।
* नए विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया के मानकों को सहज और पारदर्शी बनाया जाए।
**ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे प्रमुख पदाधिकारी**
प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते समय संघ की ओर से जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र पांडेय, जिला महामंत्री अमित पांडेय और पाटेश्वरी श्रीवास्तव सहित जिले भर के कई अन्य पदाधिकारी व निजी विद्यालय संचालक भारी संख्या में मौजूद रहे।