सिद्धार्थनगर में आरक्षण और यूजीसी नियमों को लेकर उठी आवाज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
📅 Published on: September 1, 2026
Kapilvastupost
न्याय एक संकल्प संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कृष्ण पाण्डेय ने रखीं पांच सूत्रीय मांगें, सामाजिक कार्यकर्ता सर्वेश मिश्रा ने कहा—सभी वर्गों को समान अवसर मिलना जरूरी
सिद्धार्थनगर। सामाजिक न्याय, आरक्षण व्यवस्था और समान अवसर से जुड़े मुद्दों को लेकर सिद्धार्थनगर में ‘न्याय एक संकल्प संस्थान’ ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पांच सूत्रीय मांगें उठाईं। संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कृष्ण पाण्डेय के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में यूजीसी के नियमों को वापस लेने, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने और सवर्ण आयोग के गठन सहित विभिन्न मांगें शामिल हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि समाज में असमानता, भेदभाव और न्याय से जुड़े विषयों पर व्यापक स्तर पर विचार किए जाने की आवश्यकता है। संगठन ने सरकार से सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों की समीक्षा करने की मांग की।
राम कृष्ण पाण्डेय ने उठाईं पांच प्रमुख मांगें
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कृष्ण पाण्डेय ने राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में मांग की कि यूजीसी के वर्तमान नियमों को वापस लिया जाए, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए और आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने पर विचार किया जाए।
इसके साथ ही ज्ञापन में सवर्ण आयोग के गठन की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि आयोग के माध्यम से सवर्ण समाज की सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को सुझाव दिए जा सकते हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जाति, धर्म, भाषा अथवा वर्ग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी नागरिकों को समान सम्मान एवं अवसर मिलना चाहिए।
सर्वेश मिश्रा बोले—सभी वर्गों की बात सुनकर हो निर्णय
सामाजिक कार्यकर्ता सर्वेश मिश्रा ने कहा कि समाज में समानता और सामाजिक न्याय के लिए किसी भी व्यवस्था पर निष्पक्ष चर्चा जरूरी है। आरक्षण, यूजीसी के नियमों और एससी/एसटी एक्ट जैसे संवेदनशील विषयों पर सभी पक्षों और वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। सरकार को सभी पक्षों की बात सुनकर संवैधानिक दायरे में उचित निर्णय लेना चाहिए, जिससे समाज में आपसी सद्भाव, समानता और न्याय की भावना मजबूत हो।
ज्ञापन में ये पांच मांगें प्रमुख
यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग।
एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग।
आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग।
सवर्ण आयोग के गठन की मांग।
सभी नागरिकों को समान सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने की मांग।


