सिद्धार्थनगर में यूजीसी कानून के खिलाफ सवर्ण आर्मी का उग्र प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

माधव बाबू चौक से तहसील तक निकला जुलूस, सरकार को 2027 चुनाव की दी चेतावनी

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर जिले में यूजीसी के प्रस्तावित प्रावधानों को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने और सवर्ण आयोग के गठन की मांगों को लेकर सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सोमवार को प्रदेश सचिव विनोद कुमार दुबे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।

उप जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता नगर के माधव बाबू चौक पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकालते हुए तहसील परिसर पहुंचे। तहसील पहुंचकर सवर्ण आर्मी के प्रतिनिधियों ने उप जिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें उठाई गईं:

  • यूजीसी कानून के प्रस्तावित प्रावधानों को तुरंत वापस लिया जाए।

  • देश में जारी आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।

  • सवर्ण समाज के कल्याण के लिए ‘सवर्ण आयोग’ का गठन किया जाए।

‘मांगें न मानने पर 2027 के चुनाव में भुगतना होगा अंजाम’ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश सचिव विनोद कुमार दुबे ने कहा कि सवर्ण समाज लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आरक्षण समाप्त नहीं होता, यूजीसी कानून वापस नहीं लिया जाता और सवर्ण आयोग का गठन नहीं होता, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

विनोद दुबे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका गंभीर राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।