सहारनपुर मस्जिद मामला: सिद्धार्थनगर में AIMIM ने राष्ट्रपति के नाम SDM को सौंपा 9 सूत्रीय ज्ञापन, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

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सिद्धार्थनगर: सहारनपुर में ऐतिहासिक मस्जिद गिराए जाने की घटना के विरोध में आज ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष निशात अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक 9 सूत्रीय ज्ञापन SDM सदर को सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से AIMIM ने सहारनपुर की मस्जिद समेत मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने और उन्हें ढाए जाने के मामलों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाने की अपील की है।

1991 के पूजा स्थल अधिनियम का हो रहा उल्लंघन

ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में जिलाध्यक्ष निशात अली ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “वर्ष 1991 में संसद से पारित ‘पूजा स्थल अधिनियम’ (Places of Worship Act) में स्पष्ट प्रावधान है कि आजादी से पहले बने किसी भी धार्मिक स्थल के स्वरूप से छेड़छाड़ या तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। इसके बावजूद मौजूदा शासनकाल में लगातार अल्पसंख्यकों की इबादतगाहों को निशाना बनाया जा रहा है।”

निशात अली ने आगे कहा कि सहारनपुर में जिस मस्जिद को ढहाया गया है, वह देश की आजादी से पहले की बनी हुई थी और उसके तमाम वैध दस्तावेज भी मौजूद थे। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा बलपूर्वक मस्जिद को तोड़ देना सरासर गैर-कानूनी और अन्यायपूर्ण है।

इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान उबैदुल्लाह, इरफान अहमद, तबरेज खान, महताब आलम समेत AIMIM के तमाम स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।