सिद्धार्थनगर: विवाद में केस दर्ज कराने थाने पहुंचीं सपा विधायक और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने किया बल प्रयोग, सपाइयों ने दी घेराव की चेतावनी

डिबेट कार्यक्रम के दौरान आरोप प्रत्यारोप के दौरान लोग अपना धैर्य खो बैठे मामले ने तूल पकड़ लिया मारपीट हुई ऐसे में वहां सुरक्षा व्यवस्था का न होना अपने आप में बड़ा सवाल खड़े कर रहा है।

जब दोनों पक्षों से मारपीट हुई तो एक तरफ मुकदमा क्यों

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सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)। डुमरियागंज तहसील परिसर में शुक्रवार को एक डिबेट कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए हिंसक विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को आठ सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद, शनिवार को अपनी ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने डुमरियागंज थाने पहुंचीं सपा विधायक सैयदा खातून और उनके समर्थकों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ दिया।

इस घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय एकतरफा उत्पीड़न कर रही है। सपाइयों ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे एसपी कार्यालय और डुमरियागंज थाने का घेराव करेंगे।

सत्ता के इशारे पर हो रही पुलिसिया गुंडागर्दी: सैयदा खातून

शनिवार को सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डुमरियागंज की सपा विधायक सैयदा खातून ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है।

विधायक सैयदा खातून का बयान: “हम अपनी तहरीर देकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करने थाने गए थे। थानेदार को फोन किया तो उन्होंने बाद में आने की बात कही। जब वे पहुंचे, तो केस दर्ज करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने हमारे कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडे बरसाना शुरू कर दिया, जिससे कई सपा कार्यकर्ता चोटिल हो गए। तीन बार एसपी और सीओ को फोन किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सत्ता के इशारे पर पुलिस गुंडागर्दी कर रही है।”

वहीं सपा के जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने भी पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डुमरियागंज थानाध्यक्ष से लेकर जिले के पुलिस कप्तान तक एक पक्षीय रवैया अपनाकर भाजपा की तरह काम कर रहे हैं।

पुलिस का पक्ष: धरना देने से मना करने पर हटाया गया, लाठीचार्ज का आरोप बेबुनियाद

पुलिस प्रशासन ने सपाइयों द्वारा लगाए गए लाठीचार्ज और पिटाई के आरोपों को खारिज किया है।

  • बृजेश वर्मा (सीओ, डुमरियागंज): “विधायक अपने समर्थकों के साथ जबरदस्ती थाने में धरने पर बैठ रही थीं। उन्हें बार-बार समझाया गया, लेकिन न मानने पर केवल वहां से हटाया गया। पुलिस द्वारा पिटाई करने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।”

  • श्रीप्रकाश यादव (थानाध्यक्ष, डुमरियागंज): “विधायक को अवगत कराया गया था कि एसपी साहब ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, इसलिए थाने पर धरना देना उचित नहीं है। इसके बावजूद सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन पर आमादा थे, जिसके बाद उन्हें हटाया गया।”

जिले के उच्च पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।