15 दिन बीते, लेकिन जांच शून्य! रामजानकी इंटर कॉलेज में करोड़ों के कथित घोटाले पर मेहरबान अफसरशाही?
📅 Published on: October 12, 2026
4 शिक्षकों की जगह 39 की नियुक्ति दिखाकर वेतन और पेंशन डकारने का आरोप, साजिद अली की शपथ पत्र शिकायत पर डीएम व डीआईओएस मौन
कपिलवस्तु पोस्ट सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर जिले के रामजानकी इंटर कॉलेज (कुंगाई गिरधरपुर) में हुए कथित महाघोटाले और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को सामने आए पूरा पंद्रह दिन (15 दिन) का समय बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। शिक्षक साजिद अली द्वारा जिलाधिकारी (DM) को सौंपे गए शपथ पत्र और निष्पक्ष जांच की मांग के बावजूद अब तक शासन-प्रशासन स्तर से कोई ठोस कार्रवाई न होना शिक्षा विभाग की कार्यशैली और मंशा पर कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
39 लोगों की फर्जी नियुक्ति का आरोप: क्या संरक्षण दे रहा है विभाग?
शिकायतकर्ता शिक्षक साजिद अली का सीधा आरोप है कि विद्यालय में महज 4 स्वीकृत शिक्षकों के स्थान पर कागजों में 39 लोगों की फर्जी नियुक्ति दिखाकर सालों से सरकारी खजाने से वेतन और भत्तों का भारी-भरकम भुगतान किया गया। इतने बड़े पैमाने पर हुए इस घालमेल के उजागर होने के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय की ओर से फाइल को ठंडे बस्ते में डालना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है।
पूर्व प्रधानाचार्य की नियुक्ति और पेंशन पर संगीन सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य धर्मराज चौधरी की नियुक्ति और पेंशन को लेकर है। शिकायतकर्ता के मुताबिक:
बर्खास्तगी से जुड़े गंभीर न्यायिक प्रकरण के विचाराधीन होने के बावजूद धर्मराज चौधरी को पद पर कैसे बहाल किया गया?
उन्हें नियमों को दरकिनार कर नियमित वेतन और अब पेंशन की मलाई कैसे दी जा रही है?
क्या इस पूरे खेल में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की सांठगांठ है?


