आगामी चुनाव की तैयारियां: सिद्धार्थनगर में EVM की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) शुरू, DM ने किया निरीक्षण

कपिलवस्तुपोस्ट , सिद्धार्थनगर | 12 अक्टूबर 2026

आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों को गति देते हुए सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC – First Level Checking) प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर FLC कार्यों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खुला वेयरहाउस

पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक (सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान) श्री नरेंद्र कुमार मीणा और जिलाधिकारी की उपस्थिति में EVM वेयरहाउस को विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष खोला गया।

135 मशीनों की होगी सघन जांच

जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के कुल 2,239 मतदेय स्थलों (Polling Booths) की आवश्यकता के सापेक्ष 135 मशीनों की FLC जांच कराई जा रही है।

  • बीईएल (BEL) के इंजीनियर तैनात: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ईवीएम निर्माता कंपनी ‘भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड’ (BEL) के विशेषज्ञ अभियंताओं की टीम मशीनों की तकनीकी जांच कर रही है।

  • डमी सिंबल से परीक्षण: मशीनों में डमी निर्वाचन चिह्न अपलोड कर उनकी क्रियाशीलता, डिस्प्ले और प्रिंटिंग रिस्पॉन्स की जांच की जा रही है।

  • EMS पोर्टल पर एंट्री: जांच में शत-प्रतिशत सही पाई गई मशीनों को आयोग के ‘इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम’ (EMS) पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।

  • खराब मशीनों पर तुरंत एक्शन: यदि जांच के दौरान कोई भी मशीन तकनीकी रूप से अमानक या खराब पाई जाती है, तो उसे आयोग के सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत BEL कंपनी को वापस भेजा जाएगा।

मॉक पोल (नमूना मतदान) द्वारा मशीनों का परीक्षण

मशीनों की सटीकता और कार्यक्षमता को परखने के लिए व्यापक स्तर पर मॉक पोल (Sample Voting) की योजना बनाई गई है:

  1. बटन रिस्पॉन्स जांच: बैलेट यूनिट के सभी 16 बटनों की जांच के लिए प्रत्येक बटन पर 6-6 मत दर्ज कराकर कार्यप्रणाली देखी जाएगी।

  2. सघन सैंपल वोटिंग:

    • 1% मशीनों पर: 1,200-1,200 मत

    • 2% मशीनों पर: 1,000-1,000 मत

    • 2% मशीनों पर: 500-500 मत दर्ज करके गहन जांच की जाएगी।

CCTV और IP एड्रेस से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की सीधी नजर

जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रखने के लिए पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का IP एड्रेस मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय को भी साझा किया गया है, जिससे राज्य स्तर से भी इस प्रक्रिया पर सीधी और लाइव निगरानी रखी जा सके।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव, ए.आई.जी. स्टाम्प ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता (सिंचाई निर्माण खंड) सतीश कुमार सहित जिला निर्वाचन कार्यालय के अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।