📅 Published on: October 15, 2026
लखनऊ से बढ़नी पहुंची बलरामपुर डिपो की बस में वसूली को लेकर विवाद; त्योहारों पर घर लौट रहे नेपाली नागरिकों ने लगाया बदसलूकी का आरोप
गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। भारत से नेपाल लौट रहे नेपाली यात्रियों और रोडवेज बस के कंडक्टर के बीच 200 रुपये किराये को लेकर तीखी झड़प का मामला सामने आया है। लखनऊ से चलकर बढ़नी पहुंची बलरामपुर डिपो की बस में किराया वसूली को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते भारी हंगामे में बदल गई। पीड़ित यात्रियों ने कंडक्टर पर दुर्व्यवहार और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना ने त्योहारों के मौसम में सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों से होने वाली कथित मनमानी वसूली के मुद्दे को एक बार फिर गरमा दिया है।
किराये के पैसों को लेकर हुआ विवाद, बस में मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ से बढ़नी पहुंची रोडवेज बस में सवार नेपाली यात्रियों से कंडक्टर द्वारा 200 रुपये अतिरिक्त मांगे गए। कुछ यात्रियों ने तो पैसे दे दिए, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए अतिरिक्त रकम देने से साफ इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर कंडक्टर और यात्रियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि पैसे देने से मना करने पर कंडक्टर ने यात्रियों के साथ अभद्रता की, जिससे बस के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, यात्रियों से मांगे गए 200 रुपये अधिकृत किराये का हिस्सा थे या अतिरिक्त अवैध वसूली, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में परिवहन विभाग का आधिकारिक रुख आना अभी बाकी है।
त्योहारों में बढ़नी बॉर्डर पर उमड़ रही भीड़, अवैध वसूली के लग रहे आरोप
दशहरा और दीपावली के पावन पर्व के अवसर पर भारत के विभिन्न महानगरों में काम करने वाले नेपाली नागरिक बड़ी संख्या में अपने वतन लौट रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी प्रमुख प्रवेश द्वार होने के कारण इन दिनों यहां यात्रियों का भारी हुजूम उमड़ रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में बसों, टैक्सियों और निजी परिवहन चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे नेपाल लौट रहे प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़भाड़ का फायदा उठाकर कुछ वाहन चालक यात्रियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। वहीं, जांच के नाम पर नेपाली नागरिकों को बेवजह परेशान करने की बातें भी उठ रही हैं।
दोनों देशों के मधुर संबंधों पर असर, निष्पक्ष जांच की मांग
भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने रोटी-बेटी और सांस्कृतिक संबंध हैं। सीमा क्षेत्र में यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार और मनमानी वसूली जैसी घटनाएं दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। स्थानीय प्रबुद्ध जनों एवं यात्रियों ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्धारित किराया सूची सार्वजनिक करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है|