सिद्धार्थनगर में पुलिस को चकमा देकर भागा चोरी का संदिग्ध, 15-20 मिनट में फुर्र; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
📅 Published on: October 28, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। उस्का बाजार थाना क्षेत्र के भिटिया गांव में चोरी के शक में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए एक संदिग्ध को पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन वह थाने पहुंचने के महज 15 से 20 मिनट के भीतर ही पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुई पूरी घटना?
मिली जानकारी के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति पंचायत भवन की छत के रास्ते से मनोज कुमार के घर में घुसा था। घर के सदस्यों के जाग जाने पर उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई हाथापाई में वह घायल हो गया।
ग्रामीणों की मुस्तैदी: सतर्क ग्रामीणों ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया और उसे रस्सी से बांधकर तुरंत ‘डायल 112’ पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल ले जाने का विवाद: ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के कहने पर उन्होंने ही घायल युवक को अपने निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया।
थाने से फरार: प्राथमिक इलाज के बाद युवक को थाने लाया गया, लेकिन पुलिस की कड़ी निगरानी के दावों के बीच वह चंद मिनटों में ही चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप और बरामदगी
भिटिया गांव के रहने वाले मनोज कुमार के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्ध के पास से 2,440 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था। आरोप यह भी है कि चोरी के दौरान पकड़े जाने पर संदिग्ध ने मनोज की मां को दांत काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वहीं, एक अन्य ग्रामीण ऐश मोहम्मद का दावा है कि पकड़े जाने के बाद संदिग्ध ने उनके घर में हुई पिछली चोरी की वारदात को भी कबूल किया था।
अब क्या हैं बड़े सवाल?
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब मिलने बाकी हैं:
पुलिस की मौजूदगी या निगरानी के बावजूद संदिग्ध इतनी आसानी से फरार कैसे हो गया?
घायल और संदिग्ध अवस्था में आरोपी को अस्पताल ले जाने से लेकर थाने तक लाने में सुरक्षा के क्या प्रोटोकॉल अपनाए गए थे और किसकी लापरवाही थी?
फरार संदिग्ध की तलाश के लिए पुलिस अब क्या कदम उठा रही है और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होगी?


