सिद्धार्थनगर : एक सौ बीस किलो चरस मामले में , आरोपितों को पन्द्रह-पन्द्रह साल की कड़ी सजा
📅 Published on: January 15, 2022
एक करोड़ उन्नयासी लाख अट्ठाईस हजार की चरस के साथ गिरफ्तार अभियुक्तों का लगभग आठ साल ट्रायल के बाद आया फैसला।
मो अरसद खान
सिद्धार्थनगर। चरस तस्करी के आरोप में निषिद्ध दो आरोपियों को लगभग आठ साल बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार द्वितीय एच.जे.एस ने धारा 20 बी 2 स और धारा 23 बी एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत पन्द्रह-पन्द्रह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बढ़नी कस्टम द्वारा बड़ी मात्रा में पकड़ी गई नेपाली चरस के साथ गिरफ्तार दो लोगों के विरुद्ध ढेबरुआ थाने में एनडीपीएस एक्ट में पंजीकृत कराये गये मुकदमें का लगभग सात साल बाद फैसला सुनाया गया। कस्टम द्वारा एक जुलाई 2014 को रूटीन चेकिंग के दौरान टाटा इंडिगो कार से तलाशी के दौरान 119.52 किलोग्राम चरस बरामद करने में सफलता मिली थी, जिसकी कीमत उस समय 1करोड़ 79 लाख 28 हजार रुपये आंकी गई थी। चरस के साथ पकड़े गये दोनों व्यक्ति नीरज कुमार तिवारी, पंकज कुमार मण्डल को गिरफ्तार कर जिला कारागार सिद्धार्थनगर भेजा गया था। नीरज कुमार तिवारी पुत्र अनिल कुमार तिवारी और पंकज कुमार मण्डल पुत्र नन्द किशोर मण्डल जिला भगलपुर बिहार के निवासी हैं।
बता दें कि थाना ढेबरुआ में पंजीकृत कस्टम केस संख्या 01/2014-15 धारा 8/20/23 एनडीपीएस एक्ट में भारत सरकार द्वारा कस्टम बढ़नी बनाम नीरज कुमार एवं पंकज कुमार मण्डल की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजक और अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के उपरान्त विचार करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीएस द्वितीय ब्रिजेश कुमार ने दोनों अभियुक्तों को धारा 20 बी 2 स और धारा 23 एनडीपीएस एक्ट के तहत पन्द्रह पन्द्रह बर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई तथा अर्थदण्ड एक लाख 50 हजार रुपये से दण्डित किये जाने का आदेश दिया है।


