📅 Published on: May 30, 2023
– घटना थाना उसका क्षेत्र के ग्राम पंचयत
इमिलिहा के पश्चिम कूड़ा नदी मे नहाने गये बालकों की है
– सभी बालक एक ही समुदाय एक ही गाँव के उम्र लगभग 13 से 14 वर्ष के भीतर बताई जा रही है

जाकिर खान
सिद्धार्थनगर । कोतवाली लोटन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पडहरा बुजुर्ग् टोला सिंहोरवा निवासी चार बालकों की मंगलवार को पड़ोस के ग्राम इमिलिह थाना उसका बाजार अंतर्गत पश्चिम तरफ स्थति कूड़ा नदी में नहाने गये चार बालकों के डूब जाने से मौत । डूबने वाले वाले बालक एक ही गाँव एक ही समुदाय के थे ।
जिनकी उम्र लगभग 13 से 14 वर्ष बताई जा रही है । डूब कर मरने कि खबर क्षेत्र मे आग कि तरह फैल गई । गाँव जवार् क्षेत्र मे मचा हाहाकर । परिजनों का रो रो कर हुआ बुरा हाल । घरों मे मचा कोहराम । जिले का प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद | 
डूबने वाले बालकों की सिनाख्त
सलाहुद्दीन् पुत्र अलाउद्दीन 14 वर्ष , शादाब पुत्र यूनुस 14 वर्ष , पूर्व प्रधान निजामुद्दीन के 2 नाती शाहिल 13 वर्ष और शोएब 13 वर्ष के रूप मे हुई है । प्रधान निजामुद्दीन और अन्य परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है । उनका कहना है हम अपने बेटी और दामाद को क्या जवाब देंगे । कहाँ से लाएंगे शाहिल और शोएब को । हे अल्लाह यह क्या कर दिया ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पता चला है की ग्राम सिंहोरवा निवासी सभी बालक गर्मी का आनंद लेने के चककर मे कूड़ा नदी मे नहाने गये हुए थे । प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार गांव का एक व्यक्ति नदी के तरफ गया तो देखा की नदी के किनारे कपड़े और टावल रखा हुआ है ।आदमी कोई नही । तभी उस व्यक्ति को एक डूबते बालक को देखा । उसने शोर मचाया । भीड़ इकठा हुई । तब तक दर हो चुकी थी । चारों बालक दुबकर मर चुके थे । चुंकि नदी मे कुछ दूरी पर बगल मे गहरा और रुका हुआ गहरा पानी रहा ।उसी मे नहाते नहाते बालक चले गये होंगे । और दुबकर मौत हो गई है ।

सूचना पाकर घटना स्थल पर सदर उपजिला अधिकारी नौगढ़ डाक्टर ललित कुमार मिश्र , सदर क्षेत्रा अधिकारे अवदेश कुमार वर्मा , सदर तहसीलदार नौगढ़ डाक्टर ऋषिराम रमन , थाना अध्यक्ष उसका सरोज सहित अन्य अफसरान मौके पर पहुंच कर परिजनों को सातवना दी ।
सदर उपजिला अधिकारी नौगढ़ डाक्टर ललित कुमार मिश्र , सदर क्षेत्रा अधिकारे अवदेश कुमार वर्मा , सदर तहसीलदार नौगढ़ डाक्टर ऋषिराम रमन सयुक्त रूप से बताया हम सभी हिर्दय विदारक् घटना से आहत हैं । परिजनों को सबर और संतोष करने कि क्षमता ईश्वर दे । तत्पश्चात शवो का पंचनामा कराकर दफन कफ़न हेतु उनके अपने परिजनों को सौंप दिया गया ।