नवजात की मौत पर गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कालेज के गेट पर किया हंगामा

– मेडिकल कालेज / जिला स्पताल मे आये दिन होता है लापरवाही का हंगामा , लोगों का जिला स्पताल से उठ रहा विश्वाश

– डीएम एवं प्रिंसिपल ने गठित की टीम , गलत पाये जाने पर दोषीयों के खिलाफ होगी आवश्यक करवाई – डीएम / प्रिंसिपल

– बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में हुइ थी शिशु की मौत
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जाकिर खान

सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल मे एक नवजात शिशु की मौत पर गुस्साए परिजनों ने मंगलवार को जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कालेज के इमरजेंसी गेट पर खूब जमकर बवाल काटा । लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरोपी डॉक्टर को निलंबित करने की मांग करते हुए इमरजेंसी वार्ड के सामने धरने पर बैठ गए।

इमरजेंसी वार्ड के सामने दर्जनों की संख्या में लापरवाही और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मरीज के परिजन और उनके शुभचिनतक धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी करते देखे गये ।

परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक एस एन पटेल और वहां मौजूद स्टाफ ने अगर उनके नवजात शिशु का समय रहते इलाज किया होता तो वह आज जिंदा होता ।

मृतक शिशु के पिता राज ने बताया कि वह सिद्धार्थनगर जिले के खेसरा थाना व ब्लॉक के ग्राम बनकटा कर्जा गांव के निवासी हैं । वह अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज आए थे । जहां ऑपरेशन से उन्हें एक बेटा मिला ।

बेटे की तबीयत अचानक रात 12 बजे खराब हो गई । उसे एमसीएच वार्ड में मौजूद नर्स ने कुछ देर उपचार के बाद आईसीयू में भर्ती करने के लिए कहा ।

परिजन का आरोप है कि जब वह आईसीयू में पहुंचे तो वहां भी कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था । सिर्फ एक नर्स थी । डॉक्टर गायब थे। नर्स ने भी बच्चे का कोई इलाज नहीं किया ।

इस तरह करीब 2 घंटे बीत जाने के बाद वहां ड्यूटी पर डॉक्टर एस एन पटेल आए ।जो की पूरी तरह नशे में धुत थे । और उन्होंने पहुंचते ही बच्चे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। बच्चे को ले जाते हुए रास्ते में उसकी मौत हो गई ।

इस बीच उनकी पत्नी जिनका अभी ऑपरेशन हुआ है । उनके देखरेख में भी अस्पताल में मौजूद नर्स और डॉक्टर लगातार लापरवाही कर रहे थे । इन्हीं सब बातों से दुखी होकर उन्हें अपने रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के साथ इमरजेंसी के बाहर धरना प्रदर्शन करना पड़ा ।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि लापरवाह डॉक्टर पटेल और उनके स्टाफ के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई की जाए और डॉक्टर को फौरन बर्खास्त किया जाए ।जिससे कि जो उनके साथ लापरवाही हुई है वह और किसी के साथ ना हो ।

हालांकि इस मामले में मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर के प्राचार्य और अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर ए०के० झा ने कहा कि वह सिद्धार्थनगर जिले से बाहर थे । अभी वह आए हैं । और उन्हें इसकी सूचना मिली है । डॉक्टर एके झा ने कहा कि पीड़ित परिजनों से तहरीर ले ली गई है ।

इस पर जांच बैठाई जा रही है जो भी तथ्य निकाल के सामने आएगा कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का उन्हें अफसोस है । अगर बच्चे की मौत के पीछे किसी भी डॉक्टर या स्टाफ की लापरवाही सामने आएगी तो उसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

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