📅 Published on: April 1, 2024
सिद्धार्थनगर। सीमा से सटे कोतवाली क्षेत्र के बजहा सीमा क्षेत्र के गांव के पगडंडी रास्तों से प्याज की तस्करी जोरों पर हो रही है। तस्कर पीकप से पहले नजदीकी गांव भरवलिया, बजहा, कोइरीडीहा, धीमरौली आदि में एकत्र कर लेते है। समय मिलते ही सीमा के गांव गौरी, नर्खारिया से तुलशीडिहवा नेपाल भेज दिया जाता है और बजहा से रामनगर होते पुन्नीहवा नेपाल भेज देते है।
बजहा ताल सुखने के कारण एसएसबी जवानों को तस्कर छका रहे है। यह तस्कर खुले आम दर्जनों मोटर साइकलों पर बेधड़क भारत से नेपाल आते जाते रहते हैं | तस्करों को कभी भी सीमा से सटे इलाकों में तस्करी करते देखे जा सकते हैं |
क्षेत्र का कोई नागरिक यदि एसएसबी को सूचना दे देता है तो जानकारी के बाद तस्कर उन्हें परेशान कर देता है। जिसमे प्रशासन भी मददगार हो जाता है। इसलिए लोग डरे हुए है। तस्करी में एक सम्मानित युवा की शामिल होने की सूचना है।
तस्करी के मामले में कुछ सफेदपोश छोट भइया नेता का नाम चर्चा में बना हुवा है यह सभी छोटे तस्करों को दबाकर धन उगाही करता है। ना मिलने पर बड़े अधिकारियों को फोन कर परेशान करता है |
प्याज की कैरिंग के लिए तस्कर 12 रुपये किलो भाड़ा के रूप में नेपाल के व्यापारी से लेता है। रात्रि दस बजे से तस्करी का जोर पकड़ता है। दिन में जवानों की रैंकिंग कर तस्करी का सामान निकाल लेते है। इतनी तस्करी के बाद भी पुलिस के हाथ हमेशा खाली होता है |