📅 Published on: April 3, 2024
एक तरफ आला अधिकारी गुड पोलिसिंग को लेकर तमगा बाँट रहे हैं दूसरी तरफ जोगिया पुलिस अपनी बैड पोलिसिंग को लेकर चर्चा में बना हुवा है | जोगिया पुलिस की कार्यवाही से आम जनता व प्रतिन्धियों में है रोष
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जोगिया उदयपुर थाने के पुलिस की कार्यप्रणाली सुर्खियों में है। चुनाव आचार संहिता लागू होते ही जोगिया कोतवाली की पुलिस की मनमानी से लोग परेशान हो रहे हैं।
जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के विशुनपुर निवासी राजकुमार को चाकू रखने के आरोप में चालान कर दिया है। पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित राजकुमार के अनुसार 17 मार्च को जोगिया उदयपुर थाने की पुलिस टीम ने शराब की दुकान पर छापा मारा। आरोप है कि तत्काल पेपर न दिखा पाने पर वहीं पास में खड़ी मेरी बाइक जो पिता जी के नाम पर रजिस्टर है, पुलिस उसे भी थाने पर उठा ले गई।
पुलिस कर्मियों ने कहा कि कल सुबह थाने पर आना, गाड़ी का पेपर दिखाकर ले जाना। आरोप है कि पीड़ित अगले दिन 18 मार्च को अपने दो साथियों के साथ थाने पर मोटरसाइकिल लेने गया और पेपर दिखाने पर एक सादे पेपर पर साइन करवाकर मोटरसाइकिल मुझे सौंप दी गई।
फिर मैं अपने दुकान पर आकर अपने दिनचर्या के काम अंडा बेचने के काम पर लग गया। बाद में पता चला कि पुलिस ने उसका चाकू रखने के जुर्म में चालान कर दिया है।
इस तरह से पुलिस द्वारा फसाये गए फर्जी आरोप से मुक्त दिलाने की मांग पुलिस अधीक्षक से राजकुमार ने किया है।
जोगिया पुलिस द्वारा फर्जी तरीके से ग्रामीणों को फंसाने के मामले को लेकर विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश मंत्री अधिवक्ता अखण्ड प्रताप सिंह ने भी एसपी को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है।