📅 Published on: April 4, 2024
kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। एसएसबी एवं मानव सेवा संस्थान सेवा के संयुक्त तत्वाधान में एसएसबी के सहायक कमांडेंट विक्रम सिंह एवं एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक मानिक चंद्र सरकार की अगुवाई में कंपोजिट स्कूल नंद नगर से माधोपुर तक मानव तस्करी विरोधी इकाई एसएसबी 43 वीं व 66वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, कंपोजिट स्कूल के शिक्षक व छात्र-छात्राओं और मानव सेवा संस्थान के कर्मियों के साथ संयुक्त रूप से मानव तस्करी, बाल अधिकार, बाल श्रम, बाल शोषण, नशा मुक्ति और स्कूल चले हम जागरूकता अभियान के तहत नंद नगर स्कूल से माधोपुर तक रैली निकाली गई।
सबसे पहले कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक- शिक्षिकाओ और स्कूल के बच्चों को मानव तस्करी, बाल अधिकारों, बाल श्रम व नशा मुक्ती से सम्बन्धित पंपलेट का वितरण किया गया तथा टोल-फ्री नम्बरों जैसे 112, 1090, 1098, 1903 के विषय में विस्तार से समझाया गया।
स्कूली बच्चों को इन टोल-फ्री नम्बरों को याद करने की भी सलाह दी गयी, ताकि विषम परिस्थितियों में किसी भी पीड़िता/पीड़ित व्यक्ति के काम आ सके। साथ ही सभी बच्चों से अनुरोध किया कि यदि उन्हें मानव दुर्व्यापार से संबंधित कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई पड़े तो वे इन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें, ताकि बच्चों और महिलाओं को मानव दुर्व्यापार का शिकार बनने से रोका जा सके। आपकी एक काल पर तुरंत कार्रवाई की जाती है ।
इस मौके पर प्रभारी एएचटीयू निरीक्षक मानिक चन्द सरकार ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समझाया कि नशा हमारे समाज में विनाश की मूल कारण है।
लोग नशा करके न सिर्फ अपनी मानसिक, आर्थिक व पारिवारिक छवि का नाश करते हैं बल्कि समाज में अपराध घटनाओं का भी कारक बनते हैं। अतः नशे व नशे की आदत को रोकने के लिए समाज को जागरूक करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बच्चों को समझाया कि आप नशे से दूर रहे व अपने घर और आसपास में अगर कोई नशा करता है तो उसे भी नशा न करने की सलाह दें तथा ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई लिखाई कर अपने परिवार का नाम रोशन करें।
एसएसबी 43वीं वाहिनी ककरहवा के सहायक कमांडेंट विक्रम सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वस्थ समाज के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है और शिक्षा का आधार स्तंभ जागरूकता है।
शिक्षा हर बच्चे का मौलिक और कानूनी अधिकार है, एक व्यक्ति के पढ़ लिख लेने से न सिर्फ उसका विकास होता है बल्कि उसके सारे परिवार व समाज का विकास होता है। आगे बच्चों को संबोधित करते हुए बताया गया कि एक शिक्षित व्यक्ति का शोषण नहीं किया जा सकता, वह अपने अधिकारों को जानता है और अपने हक के लिए आवाज उठा सकता है ।
इसलिए आप लोग खूब पढ़ो और खूब खेलो, अगर आपके घर के आस-पास कोई भी बच्चा बाल मजदूरी करता हुआ जैसे कि किसी होटल में काम करता है या किसी ईंट भट्ठे में काम करता है तो उसकी सूचना अपने शिक्षकों व अपने घर वालों और पुलिस तथा एसएसबी को दें ।
मानव सेवा संस्थान सेवा के ककराहवा के सेंटर इंचार्ज बृजलाल यादव ने बच्चों को मानव तस्करी और बाल शोषण के विषय में विस्तार से समझाया और कहा कि अपने माता-पिता के सिवा किसी भी व्यक्ति पर विश्वास ना करें। ना ही किसी की दी हुई खाने की वस्तु या कीमती सामान ले। इसके पीछे किसी की ग़लत मंशा भी हो सकती है ।
इस दौरान मुख्य रूप से एएचटीयू एसएसबी के उप नि. प्रदीप चंद शर्मा, मुख्य आरक्षी आलोक सिंह, आरक्षी महिला प्रेमा देवी, आरक्षी महिला पूजा भारती, एसएसबी 66वी वाहिनी से आरक्षी रविन्द्र सिंह, आरक्षी सौरभ कुमार, एसएसबी 43वी वाहिनी की से निरीक्षक उमेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक सुरेश आरक्षी दिलीप कुमार यादव, आरक्षी सुरेंद्र सिंह आरक्षी राकेश कुमार आरक्षी बिरजा मानव सेवा संस्थान सेवा से काउंसलर
प्रियंका चौधरी, कलावती, अखिलेश कुमार, गोविंद कुमार, अक्षय कुमार प्रधानाध्यापक बुद्धि राम, शिक्षिका मीना, शिक्षिका प्रीति राधा सिंह, शिक्षामित्र अमित कुमार, शिक्षामित्र इस्रावती एवं स्कूल के छात्र/ छात्राओ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई।