📅 Published on: April 10, 2024
kapilvastupost
इटवा, सिद्धार्थनगर। जनपद की बदहाल सड़कों का कोई पुरसाहाल नहीं है चाहे लोक निर्माण विभाग में बैठे जिम्मेदार हों अथवा प्रशासन के लोग। किसी महाशय का ध्यान बदहाल सड़कों की तरफ नहीं जा रहा है जिसको लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं।
ऐसे में योगी सरकार की शख्ति का भी किरकिरी होना लाजमी है। प्राप्त समाचार के अनुसार बांसी शोहरतगढ़ डुमरियागंज इटवा तहसील क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें अपना अस्तित्व खो चुकी और जर्जरता की आखिरी दहलीज पर पहुंच चुकी है।
इतना ही नहीं इन बदहाल सड़कों पर लोग आए दिन चोटिल भी हो रहे हैं। लेकिन लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासन के लोगों के कानों में जूं तक नहीं रहता है। और लोग कुंभकर्णी नींद में बेखौफ शो रहें हैं।
बताते चलें कि विकास खण्ड इटवा के ग्राम धन्धरा से झुड़िया होते हुए बलुआ चौराहे तक जाने वाली सड़क पूर्ण रूप से बदहाली की गिरफ्त में हैं और सड़क के गड्ढे खुलेआम दुर्घटना को दावत दे रहे हैं कब कौन राहगीर इन गड्ढों की चपेट में आ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है।
क्योंकि इस सड़क से गुजरने वाले राहगीर इन गड्डों से बचकर गुजरने का प्रयास कितना भी कर लें लेकिन सड़क जब गड्ढों में तब्दील है तो कौन कितना बचकर चल पाएगा। जबकि ग्राम धन्धरा से बलुआ चौराहे तक जाने वाली सडक करीब दर्जनों गांव का मुख्य मार्ग है।
ऐसे में सबसे अहम सवाल यह है कि जानलेवा गड्डों की वजह से सड़क पर कोई दुर्घटना घटती है तो उस दुर्घटना का जिम्मेदार आखिर कौन होगा। लेकिन वाह रे लोक निर्माण विभाग व प्रशासन के जिम्मेदार लोग इन जानलेवा गड्डों पर आप लोगों की नजर कब पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार जिले की बदहाल सड़कें लोक निर्माण विभाग व प्रशासन के जिम्मेदारों को आईना दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती हैं। लेकिन जिम्मेदारों की आंखों पर तो भ्रष्टाचार का पर्दा इस कदर छाया हुआ है कि यह गड्ढे शायद दिखाई नहीं देते हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि योगी शासनकाल में भी लोक निर्माण विभाग और प्रशासन के लोग बदहाल सड़कों के प्रति इतनी उदासीनता बरत रहे हैं और जनप्रतिनिधि भी तमाशबीन बने हुए हैं।