📅 Published on: December 29, 2024
परमाणु समझौता,मनरेगा,राइट टू इन्फॉरमेशन, राइट टू एजुकेशन, जैसी योजनाएं देश को समृद्धि के शिखर पर ले जाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर आज़ जिला कांग्रेस कार्यालय पर शोक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस जनों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया और शोक सभा के उपरांत अपने प्रिय नेता की याद में दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
यह देश उनके योगदान का सदैव ऋणी रहेगा – मो अकील उर्फ़ मुन्नू भैय्या 
महेन्द्र कुमार गौतम
सिद्धार्थनगर – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर आज़ जिला कांग्रेस कार्यालय पर कांग्रेस पार्टी के निवर्तमान जिला अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद की अध्यक्षता में शोक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस जनों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया और शोक सभा के उपरांत अपने प्रिय नेता की याद में दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
इस अवसर पर निवर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि आर्थिक सुधारों के जनक डॉ मनमोहन सिंह ऐसे प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने अपने हर फैसले से देश को मजबूत किया। एक सफल अर्थशास्त्री, एक दूरदर्शी राजनेता, एक विनम्र विद्वान और एक सौम्य व्यक्तित्व जिनकी नीतियों ने भारत को विश्व शक्ति की कतार में लाकर खडा किया था।
डॉ मनमोहन सिंह की सज्जनता, सौम्यता और निर्णय पर क़ायम रहने की प्रतिबद्धता भारतीय राजनीति के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगी। उनके जाने से कांग्रेस पार्टी की अपूर्णनीय क्षति हुई है। इतिहास डॉ मनमोहन सिंह को एक बेहतरीन प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा। उनके निधन से न सिर्फ कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरा देश शोक मना रहा है। डॉ मनमोहन सिंह भारत रत्न के हकदार हैं।
निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद एवं अनिल सिंह अन्नू ने ने कहा कि आर्थिक सुधार, परमाणु समझौता और मनरेगा,राइट टू इन्फॉरमेशन, राइट टू एजुकेशन, जैसी योजनाएं उनके दूरदर्शी और देश को समृद्धि के शिखर पर ले जाने वाली सोच का ही परिणाम थी। यह देश उनके योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।
पूर्व प्रत्याशी देवेन्द्र कुमार गुड्डू एवं जिला महासचिव सतीश त्रिपाठी ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह जी के निधन से देश ने एक महान दूरदर्शी, निःस्वार्थ जनसेवक और अद्वितीय नेता को खो दिया। उनकी असाधारण दृष्टि, सादगी और अडिग नेतृत्व ने न केवल भारत को आर्थिक पथ पर अग्रसर किया, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी एक अमिट छाप भी छोड़ी। भारतीय राजनीति में उनके को युगों युगों तक याद रखा जाएगा।
इस अवसर पर अकील अहमद मुन्नू, रंजना मिश्रा, मंगेश दूबे, अश्विनी सिंह सोलंकी, ओमप्रकाश दूबे, मुकेश चौबे, ऋषिकेश मिश्रा, होरी लाल श्रीवास्तव, डा• प्रमोद कुमार, सुदामा प्रसाद, शौकत अली, शाहरुख पठान, सबरे आलम, बीपत राम शर्मा, गुल मोहम्मद, एन एच अजनबी, नन्द किशोर शुक्ला, ज़ुबैर खान, अंकित उपाध्याय, सूरज उपाध्याय, लवकुश शर्मा, अमरनाथ दूबे, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।