भारत-नेपाल सीमावर्ती गांवों को मिलेंगी सभी मूलभूत सुविधाएं: सीडीओ जयेंद्र कुमार ग्रामीण छात्रों को एनसीसी के प्रति किया गया जागरूक

Nizam Ansari 
भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों के गांव अब जल्द ही बिजली, सड़क, शुद्ध पेयजल, यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस होंगे। यह जानकारी सोमवार को शिवपति इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित एक कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जयेंद्र कुमार ने दी।

सीडीओ ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश के सीमावर्ती इलाकों के विकास के लिए 40,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। प्रथम चरण में वर्ष 2022 से चीन सीमा से सटे गांवों में सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अब दूसरे चरण में भारत-नेपाल सीमा से लगे गांवों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

कार्यशाला का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था। इस अवसर पर एसएसबी निरीक्षक राजेश मीना ने एनसीसी के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एनसीसी कैडेट्स को अनुशासन, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने एवं शस्त्र संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रधानाचार्य विक्रम प्रसाद यादव द्वारा मुख्य अतिथियों का बैज पहनाकर स्वागत करने से हुई। एनसीसी के जिला नोडल अफसर कैप्टन हेमंतराज उपाध्याय ने कहा कि एनसीसी न केवल छात्रों के व्यक्तित्व विकास में सहायक है, बल्कि उन्हें राष्ट्र सेवा व सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में भी अग्रसर बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीसी कैडेट्स को सरकारी सेवाओं में विशेष छूट प्रदान की जाती है।

कार्यक्रम में उत्कर्ष श्रीवास्तव, रामविलास यादव, अरुण कुमार शुक्ल, बैजनाथ चौरसिया, रामप्रताप सिंह, मकबूल खां, जगदीश वर्मा और शिवपूजन आर्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
शिवपति इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित यह बैठक छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी।