अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई, फरसे वाले देवता को किया गया नमन

नवरंगी यादव 

जिगनिहवां/बांसी, सिद्धार्थनगर।
बांसी विकासखंड अंतर्गत श्री विनायक दत्त प्राथमिक विद्यालय, जिगनिहवां चौराहा में बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर सिद्धेश्वर पांडेय द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई और धर्म की रक्षा व अधर्म के विनाश हेतु भगवान परशुराम के योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

समारोह का सफल संचालन समाजसेवी अतुलउपाध्याय द्वारा किया गया, जिन्होंने भगवान परशुराम को विष्णु के छठे अवतार के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि भगवान परशुराम ने समाज में व्याप्त अन्याय, अत्याचार और अहंकार के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बनकर, धर्म और न्याय की स्थापना की थी।

इस अवसर पर सिद्धेश्वर पांडेय ने कहा,भगवान परशुराम ने जब धर्म की मर्यादाएं टूटीं और अधर्मियों का वर्चस्व बढ़ा, तब उन्होंने फरसा उठाकर अधर्म का नाश किया। आज की पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेकर समाज में न्याय और सच्चाई के लिए खड़ा होना चाहिए।

बताते चलें कि भगवान परशुराम – धर्म, न्याय और ब्राह्मण तेज के प्रतीक भगवान परशुराम का जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) के दिन हुआ था।

इन्हें “जामदग्न्य” भी कहा जाता है, क्योंकि वे ऋषि जमदग्नि के पुत्र थे। परशुराम का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वे भगवान शिव द्वारा प्रदत्त अमोघ फरसा धारण करते थे।

समारोह में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई गणमान्य विप्र जन भी उपस्थित रहे। राम प्रकाश मिश्र, विजय मिश्रा, बृजेश मिश्रा, रमेश मिश्रा, विजय प्रकाश द्विवेदी, श्याम मिश्रा, अभिनंदन मिश्रा, कमलेश मिश्रा, दीपक पांडेय, अशोक पांडेय, सलिल मिश्रा, अजय मिश्रा, भृगु नारायण पांडेय, रिंकू पांडेय सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।

कार्यक्रम ने समाज में धर्म, न्याय, परंपरा और संस्कृति के महत्व को एक बार फिर उजागर किया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की बात कही।