मतदाता सूची से नाम काटना बीएलओ को पड़ा महंगा, कपिलवस्तु में मुकदमा दर्ज

महेंद्र कुमार गौतम

कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर।
कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के महदेवा कुर्मी गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के नाम मतदाता सूची से बिना किसी वैध प्रक्रिया के हटाना बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को भारी पड़ गया। भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर जांच कराए जाने के बाद दोषी पाए जाने पर बीएलओ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

महदेवा कुर्मी निवासी राकेश कुमार पुत्र शेषनाथ, शेषनाथ पुत्र स्वामीनाथ और रूपा पत्नी राकेश कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी थी कि उनका नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटा दिया गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने मामले की जांच के निर्देश दिए।

निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/एसडीएम नौगढ़ के निर्देश पर नायब तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव ने जांच की। जांच में पाया गया कि बीएलओ कृष्णवती पत्नी चंद्रभान चौधरी ने तीनों मतदाताओं का नाम बिना किसी वैध साक्ष्य या विधिक प्रक्रिया का पालन किए विलोपित कर दिया।

जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार सदर डॉ. संतराज सिंह ने कपिलवस्तु कोतवाली में बीएलओ कृष्णवती के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951 और 1989 की धारा 32 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि निर्वाचन प्रक्रिया में लापरवाही या मनमानी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब बीएलओ पर कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।