डॉक्टर ऑफ़ द मंथ :  पाचन तंत्र और पेट में एसिड की भूमिका: GERD बनाम एसिड रिफ्लक्स — जानिए एम. डी. डॉ संदीप कुमार राव से

आज के बदलते खानपान और जीवनशैली के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं आम हो चुकी हैं। इनमें सबसे अधिक देखी जाने वाली समस्या है एसिड रिफ्लक्स और GERD (गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज)। इन दोनों स्थितियों के बीच अंतर समझना जरूरी है, ताकि समय रहते सही उपचार मिल सके। इस जटिल प्रक्रिया को समझाने के लिए आज स्वास्थ्य परिचर्चा में हमारे साथ हैं एक युवा प्रतिभाशील डॉक्टर संदीप कुमार राव मुख्यालय स्थित वी पी एल हॉस्पिटल पर अपनी सेवाएं देते हैं | डॉ राव ह्रदय रोग , फेफड़ा रोग , किडनी रोग व गैस्ट्रो रोग के मास्टर्स हैं |डॉ राव के बारे में अक्सर यह कहा जाता है कि जहरीले सांप काटने के मामले में उनके इलाज का रिजल्ट 99 % पॉजिटिव है | डॉ संदीप आज हमें बताएँगे पेट में बन्ने वाली गैस जब मूंह से बाहर निकलती है जिसे हम सामान्य तौर पर डकार के रूप में जानते हैं | यह क्यों होता है ? इसके दीर्घकालिक नुक्सान क्या हैं ?

डॉ साहब GERD और एसिड रिफ्लक्स में मुख्य अंतर क्या है?

डॉ. संदीप कुमार राव (MBBS, MD – VPL Hospital, सिद्धार्थ नगर) के अनुसार, “एसिड रिफ्लक्स एक सामान्य लक्षण है जिसमें पेट का एसिड भोजन नली (esophagus) में चला जाता है, जिससे जलन और खट्टी डकार जैसी दिक्कतें होती हैं। यदि यह समस्या बार-बार होती है और गंभीर रूप ले लेती है, तो इसे GERD कहा जाता है।”

GERD के कारण: आज के माहौल में व्यक्ति दिनभर काम करता है रात को सोता है और फिर सुबह उठकर काम पर चला जाता है वह अपने लाइफ स्टाइल को कण्ट्रोल नहीं करता है बल्कि वह अपने काम काज के  स्टाइल के हिसाब से कण्ट्रोल होने लगता है | अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन, अत्यधिक चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन, धूम्रपान और शराब, मोटापा, देर रात भोजन करना और खाने के बाद तुरंत लेटना | व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना पड़ेगा नहीं तो उसे डॉक्टर और अस्पताल के चक्कर लगाने से कोई नहीं रोक पायेगा |

एसिड बन्ने के क्या लक्षण हैं ? सीने में जलन (heartburn), गले में खटास ,निगलने में कठिनाई, लगातार खांसी या गले की खराश, सांस की बदबू जैसे आसान पहचान हैं |

जोखिम कारक: GERD लंबे समय तक untreated रहने पर भोजन नली में सूजन या Barrett’s Esophagus जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है, जो कैंसर का कारण भी बन सकती है।

डॉ साहब पेट में एसिड बन्ने से बचाव और उपचार क्या हैं ?

डॉ. राव बताते हैं कि GERD की पहचान के लिए एंडोस्कोपी, pH टेस्ट, और मोटिलिटी टेस्ट जैसे परीक्षण किए जाते हैं।

आमतौर पर एक आम आदमी अपने जीवन शैली में बदलाव व संतुलित भोजन के प्रयोग से बच सकता है | यदि फिर भी उसे दिक्कत होती है तो उपचार में दवाएं जैसे प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स (PPI), और गंभीर मामलों में सर्जरी की सलाह दी जाती है।

V P L HOSPITAL

पेट में बन्ने वाले गैस [GERD] का प्रबंधन: दिन में 2-3 बार कम मात्रा में भोजन करें,भोजन के बाद 2 घंटे तक न लेटें, तले हुए और तीखे खाने से परहेज करें, वजन नियंत्रित रखें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर पेट में बन्ने वाले एसिड से बहुत हद तक बचा जा सकता है |

डॉ. संदीप कुमार राव कहते हैं, “GERD कोई असाधारण बीमारी नहीं है, लेकिन अगर नजरअंदाज किया गया तो यह गंभीर रूप ले सकता है। सही जानकारी और समय पर इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।