बिग ब्रेकिंग न्यूज : सिद्धार्थ में बड़ी कार्यवाही इटवा तहसील में कार्यरत लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार ,जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर।
जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गुरुवार को इटवा तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक (RI) सुनील कुमार श्रीवास्तव को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। टीम ने उन्हें मौके से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि सुनील श्रीवास्तव फील्ड निरीक्षण किए बिना मनमानी रकम लेकर पट्टों और मापी संबंधी कार्यों को निपटा रहे थे।

लगातार मिल रही थीं शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से इटवा तहसील क्षेत्र में राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। खासकर राजस्व निरीक्षक स्तर पर लोगों से काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलने की बातें सामने आ रही थीं। ग्रामीणों और पीड़ितों ने इसकी शिकायतें उच्च अधिकारियों से भी की थीं,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

एंटी करप्शन टीम की गुप्त रणनीति से फंसे
बताया जाता है कि एंटी करप्शन टीम ने गुप्त तरीके से जाल बिछाया था। जैसे ही सुनील श्रीवास्तव ने बिना फील्ड निरीक्षण किए फर्जी फील्ड बुक तैयार कर रिश्वत ली, टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें अपने साथ ले गई और मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मजिस्ट्रेट रैंक के अधिकारियों तक जांच की आंच
सूत्रों के अनुसार, एंटी करप्शन टीम की यह कार्रवाई महज शुरुआत है। जांच के दायरे में तहसील के अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों के भी शामिल होने की संभावना है। यहां तक कि मजिस्ट्रेट रैंक के कुछअधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

लेखपालों पर भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
सिद्धार्थनगर में लेखपालों पर भी रिश्वतखोरी के आरोप पहले से लगते रहे हैं। दुमरियागंज क्षेत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि हल्का लेखपालों द्वारा रिपोर्ट बनाने, सीमांकन या अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में अवैध धन वसूली की जाती है। हालांकि, अब तक लेखपालों के खिलाफ कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई थी, लेकिन इस कार्रवाई ने पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

क्या कहते हैं आम लोग?
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई जरूरी थी। यदि इसी तरह अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जाता रहा, तो भ्रष्टाचार में कमी आ सकती है।

बताते चलें कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए एंटी करप्शन टीम की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। देखना होगा कि आगे जांच में किन-किन अधिकारियों के नाम सामने आते हैं।