सिद्धार्थनगर में 18 लाख के कंप्यूटर रूम निर्माण में भ्रष्टाचार, बीम में ईंटें डालने का आरोप, बच्चों की जान जोखिम में

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सिद्धार्थनगर। सरकार भले ही भ्रष्टाचार मिटाने की लाख कोशिशें कर रही हो, लेकिन जिले में शिक्षा व्यवस्था पर इसका काला साया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला डुमरियागंज विकासखंड के देईपार पीएम श्री कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय का है, जहां 18 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे कंप्यूटर कक्ष में जमकर मानकों की अनदेखी हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में बीम में मोरंग और गिट्टी की जगह ईंटें भर दी गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस लापरवाही ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे भ्रष्टाचार में विद्यालय के प्रधानाध्यापक नंदलाल, खंड शिक्षा अधिकारी और यहां तक कि बेसिक शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत है। शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि भवन गिरा, तो सबसे पहले उनके मासूम बच्चों की जान पर बन आएगी।

जब इस मामले पर प्रधानाध्यापक नंदलाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने ढलाई डीसी अधिकारी रितेश श्रीवास्तव की मौजूदगी में कराने की सफाई दी। मगर बड़ा सवाल ये है कि क्या अधिकारी किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं?

इतना ही नहीं, जब इस घोटाले पर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का हवाला देकर जवाब देने से किनारा कर लिया।

अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल देईपार के बच्चों का भविष्य अधूरी दीवारों और घटिया निर्माण सामग्री के बीच कैद होकर रह गया है।