सिद्धार्थ नगर – जिला कृषि अधिकारी की कार्यवाही बेअसर नेपाल सीमा पर धड़ल्ले से यूरिया तस्करी! मोटरसाइकिल से बेखौफ भेजी जा रही खाद, प्रशासन की पकड़ से दूर माफिया
📅 Published on: June 28, 2025
विगत दिनों कृषि अधिकारी ने बड़े पैमाने पर खाद की दुकानों की चेकिंग कर एक दुकान का लाइसेंस समाप्त कर खाद तस्करी पर अंकुश लगाने की कोशिश करी थी लेकिन उसका असर जमीन पर नहीं दिखा।
गुरु जी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी क्षेत्र इन दिनों यूरिया खाद की तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। कस्टम, पुलिस, एसएसबी और कृषि विभाग की तैनाती के बावजूद तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा, जिससे प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बढ़नी विकासखंड अंतर्गत मानपुर, चरिहवा, तालकुंडा, बैरिहवा, परसोहिया, ढेकहरी समेत कई गांवों में स्थित खाद की दुकानों से तस्कर ऊंचे दामों पर यूरिया खरीदते हैं। इसके बाद अवैध तरीके से खाद को सीमा पार कर नेपाल में बेच दिया जाता है।
नेपाल में यूरिया खाद की भारी मांग है, इसी का फायदा उठाकर माफिया भारी मुनाफा कमा रहे हैं।
माफिया तस्करों की नई चाल:
तस्कर बाइक से बिना नंबर प्लेट के 2-3 बोरी यूरिया लादकर नेपाल भेज रहे हैं। बाइक की रफ्तार इतनी तेज होती है कि रास्ते में हादसों का खतरा भी बना रहता है। कई बार एक्सीडेंट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। साइकिल और पैदल मार्ग से भी खाद नेपाल पहुंचाई जा रही है।
नेपाल पहुंचने वाले प्रमुख रास्ते:
तस्कर भारत की सीमा से सटे नेपाल के गांव कोटिया , रोईनिहवा, लोहटी, बनचौरा, सेमरहवा, घरुआर के रास्ते से धड़ल्ले से खाद भेज रहे हैं। इससे न सिर्फ भारतीय किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही, बल्कि फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन की कार्रवाई:
इस मामले में थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि खाद तस्करी रोकने के लिए टीम गठित की गई है। सूचना मिलते ही कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नेपाल में सक्रिय बड़े माफियाओं को पकड़ने के लिए मुखबिरों का जाल बिछाया गया है।


