📅 Published on: July 22, 2025
D K SRIVASTAV | सिद्धार्थनगर।
पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत लंबित एक गंभीर प्रकरण में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री बीरेन्द्र कुमार की अदालत ने अवयस्क बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्षों के कठोर कारावास एवं 35 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को 90% जुर्माना राशि क्षतिपूर्ति स्वरूप दिए जाने का निर्देश दिया है।
दोषी करार दिया गया अभियुक्त हरिओम उर्फ हनुमान निषाद, पुत्र रामदेव, थाना खेसरहा क्षेत्र के ग्राम गेंगटा का निवासी है। अभियोजन के अनुसार, घटना दिनांक 7 अगस्त 2023 को घटित हुई, जब 15 वर्षीय नाबालिग बालिका अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों द्वारा सामाजिक लोकलाज के कारण तत्काल रिपोर्ट नहीं दी गई, किंतु बाद में विशेष जानकारी के आधार पर आरोपित द्वारा लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने की आशंका प्रकट की गई।
दिनांक 10 अगस्त को थाना खेसरहा में प्राथमिकी पंजीकृत कर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को बरामद किया गया तथा अभियुक्त को हिरासत में लिया गया। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया। विवेचना पश्चात आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विशेष न्यायाधीश ने मामले का विधिवत परीक्षण करते हुए अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष की दलीलें, पीड़िता का मेडिकल रिपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, गवाहों की साक्ष्य एवं अन्य अभिलेखीय तथ्यों का सम्यक अनुशीलन करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। सजा निर्धारण के अवसर पर अदालत ने पीड़िता के मानसिक एवं सामाजिक पक्षों को ध्यान में रखते हुए दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 35 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया।
न्यायालय द्वारा यह भी आदेशित किया गया कि जुर्माने की राशि का 90 प्रतिशत भाग पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाए तथा पीड़िता को राहत एवं पुनर्वास हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सहायता उपलब्ध कराने हेतु निर्देश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को प्रेषित की जाए।
राज्य पक्ष की ओर से नियुक्त विशेष अधिवक्ता श्री पवन कुमार कर पाठक ने प्रभावी पैरवी करते हुए दोषसिद्धि सुनिश्चित कराई।