बढ़नी में ‘एक वर्दीधारी की मेहरबानी’ से बेलगाम हुए अपराधी, कानून-व्यवस्था पर सवाल

गुरु जी की कलम से

बढ़नी, सिद्धार्थनगर: बढ़नी और ढेबरुआ थाना क्षेत्र में इन दिनों अपराध, तस्करी और अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। सूत्रों की मानें तो एक वर्दीधारी की कथित मेहरबानी के कारण चोर, तस्कर और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। आरोप है कि उच्च अधिकारियों की नजरें इनायत होने के कारण इस वर्दीधारी को किसी का डर नहीं है, जिससे क्षेत्र अपराधियों के लिए ‘अड्डा’ बन चुका है।

चोरी और अवैध कारोबार चरम पर

​क्षेत्र में स्मैक, शराब और अन्य अवैध सामानों की तस्करी तेजी से बढ़ रही है। चोर गिरोह लगातार घरों में सेंध लगा रहे हैं, जिससे गहने, कपड़े और नकदी की चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, बाइक चोरी की कई वारदातें भी हो चुकी हैं, जिससे लोग अपनी लाखों की संपत्ति गंवा रहे हैं। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से परेशान होकर ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।

अवैध खनन से जान का खतरा

​ढेबरुआ थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी और बालू खनन का कारोबार भी जोरों पर है। टीशम, बरगदवा, धनौरा बुजुर्ग, घोरही नदी, हृदय नगर, हसुडी उर्फ गजहडी, करुवा और संसरी के आसपास से रीपर से बालू निकालकर नगर पंचायत बढ़नी में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अक्सर बिना लाइसेंस वाले नाबालिग चला रहे हैं। ये वाहन बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर बेतहाशा दौड़ते हैं, जिससे राहगीरों की जान को खतरा बना रहता है।

पुलिस की मिलीभगत और कार्रवाई में कमी

​स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के कारण ये अवैध कारोबार फल-फूल रहे हैं। चोरी और मारपीट के कई मामलों में तो पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं करती, जिससे लोगों का कानून-व्यवस्था से विश्वास उठता जा रहा है। हाल ही में, एक कर्मचारी ने जब अवैध बालू ले जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की थी, तो ड्राइवर ने उसके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया था। गनीमत रही कि कर्मचारी बच गया, और इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।

​हालांकि, कुछ समय पहले शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा भी था, लेकिन “सेटिंग-गेटिंग” के जरिए यह अवैध कारोबार फिर से शुरू हो गया है। अगर इन अनियंत्रित वाहनों से कोई दुर्घटना होती है, तो इसका सीधा जिम्मेदार प्रशासन होगा।