📅 Published on: September 24, 2025
जिले के स्वास्थ्य व्यस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण रजिस्ट्रेशन की आड़ में सनई, बर्डपुर, शोहरतगढ़ और पकड़ी में चल रहे हॉस्पिटल में बड़े बड़े बैनर में दस दस डॉक्टरों का नाम होता है लेकिन इलाज अप्रशिक्षित आदमी करता मिलता है । कहीं चपरासी तो कहीं कंपाउंडर इलाज कर ऐसे ही जनता को गुमराह कर अच्छे इलाज के नाम पर लूटा जा रहा है ।
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सिद्धार्थनगर: जिले के आर. के. सेवा हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के संचालक, डॉक्टर और स्टाफ सहित 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
महाराजगंज जिले के कोल्हुई बाजार के बभनी खुर्द गांव की रहने वाली सरिता मौर्य को रविवार की देर शाम प्रसव पीड़ा के चलते उनके पति राम शंकर मौर्य ने सिद्धार्थनगर के आर. के. सेवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद सरिता की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल का पूरा स्टाफ और संचालक भाग गए।
अस्पताल सील, हुई कानूनी कार्रवाई
पीड़ित पति राम शंकर मौर्य ने स्थानीय थाने में अस्पताल के संचालक और डॉक्टरों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। डीएम और सीएमओ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक की टीम ने मंगलवार शाम को अस्पताल को सील कर दिया।
पुलिस ने बीएनएस की धारा 173 और 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में अस्पताल संचालक एसबी भारती, डॉक्टर कंचन पटेल, उपेंद्र पटेल, डॉ. निजामुद्दीन समेत कुल 4 नामजद और 5 अज्ञात लोगों (2 स्टाफ नर्स और 5 वार्ड बॉय) के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।