📅 Published on: October 27, 2025
गुरु जी की कलम से
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर): समाजवादी पार्टी ने मौजूदा भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में लगातार बढ़ते सामाजिक और धार्मिक संघर्षों के पीछे सत्ताधारी दल की विभाजनकारी नीतियां हैं। ग्रामसभा औदही कला में हुई पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में पूर्व सपा प्रत्याशी उग्रसेन सिंह ने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उग्रसेन सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार जानबूझकर धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, “प्रदेश में लगातार बढ़ते सामाजिक और धार्मिक संघर्ष एक सुनियोजित राजनीति का हिस्सा हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश के शांत माहौल को बिगाड़कर नफरत का माहौल बना दिया है, जिससे भाईचारा और सामाजिक सौहार्द खतरे में पड़ गया है।
उग्रसेन सिंह ने भाजपा सरकार पर जनता को बुनियादी मुद्दों से भटकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब जनता को किसान की खाद, युवा के रोजगार और व्यापक भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जवाब चाहिए, तब सरकार जानबूझकर ध्यान भटकाने के लिए सामाजिक-धार्मिक विभाजन को हवा दे रही है। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार जनता की मूल समस्याओं से पूरी तरह से मुंह मोड़ चुकी है।”
लोकतंत्र की रक्षा के लिए 2027 में एकजुटता का आह्वान:
सपा नेता ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ खड़े हों। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से एकजुट होने और समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा का लक्ष्य केवल सत्ता पाना नहीं, बल्कि कमजोर हो रहे लोकतंत्र की रक्षा करना और समाज में भाईचारे को बहाल करना है, जिसके लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है।
बैठक में हरिनारायण यादव, शहंशाह आलम, अशफाक, गुड्डू सिंह और रामू यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और पार्टी की रणनीति पर चर्चा की।