📅 Published on: December 8, 2025
सिद्धार्थ नगर मुख्यालय स्थित कई अस्पतालों में nicu वार्ड में 250 रुपए प्रति घंटे की दर से वसूले जाते है चार्ज
नियमतुल्लाह खान
डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज स्थित साजिदा हॉस्पिटल ने एक बार फिर मानवता और सेवाभाव की ऐसी अद्वितीय मिसाल पेश की है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. रफीउल्लाह खान और डॉ. अब्दुल्ला खान ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के गंभीर रूप से बीमार नवजात बच्चों का करीब डेढ़ महीने तक नि:शुल्क इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे थे नवजात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिलीवरी के बाद नवजात बच्चों की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। परिजन उन्हें लेकर बैदोला स्थित साजिदा हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉ. रफीउल्लाह खान ने बच्चों की गंभीर स्थिति और परिवार की कमजोर आर्थिक हालत को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू कराने का निर्णय लिया।
NISU वार्ड में चला लगातार नि:शुल्क उपचार
बच्चों का इलाज हॉस्पिटल के NISU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) वार्ड में पूरी तरह नि:शुल्क शुरू किया गया। इसी दौरान जब परिवार के सामने आर्थिक तंगी और बढ़ गई, तो डॉ. अब्दुल्ला खान ने आगे बढ़कर इलाज का पूरा खर्च खुद उठाने का फैसला लिया।
रेफर के बाद भी जारी रही सेवा
जानकारी के मुताबिक, नवजातों को पहले बस्ती से गोरखपुर रेफर किया गया था, लेकिन परिस्थितिवश परिवार को वापस साजिदा हॉस्पिटल लौटना पड़ा। इसके बावजूद डॉ. रफीउल्लाह खान ने मानवता का परिचय देते हुए बिना किसी शुल्क की चिंता किए लगातार इलाज जारी रखा।
स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज, परिजनों ने जताया आभार
करीब डेढ़ महीने के सघन इलाज के बाद बच्चों की हालत में काफी सुधार हुआ और चिकित्सकों ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर आज डिस्चार्ज कर दिया। इस दौरान परिजन भावुक हो गए और डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन का तहेदिल से आभार जताया।
क्षेत्र में हो रही जमकर सराहना
साजिदा हॉस्पिटल और उसके डॉक्टरों द्वारा की गई यह नेक पहल पूरे सिद्धार्थनगर जिले और डुमरियागंज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि डॉक्टरी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।