खुनुवा – एक साल से पूरे शरीर पर त्वचा की बीमारी से छाले झलके से मिली मुक्ति: डॉ. अरफुल खान के इलाज से मुस्ताक अली के चेहरे पर आई मुस्कान

गोरखपुर, नौगढ़ , शोहरतगढ़ में भटकने के बाद, हिंदुस्तान हॉस्पिटल, खूनुआ में मिला मरीज को आराम

निज़ाम अंसारी

खूनुआ (नेपाल/भारत सीमा): नेपाल के लोहरौली निवासी मुस्ताक अली पिछले एक साल से पूरे बदन में निकले भयंकर झलके (त्वचा संबंधी परेशानी) से परेशान थे। इस कष्टकारी बीमारी के इलाज के लिए उन्होंने गोरखपुर, नौगढ़ और शोहरतगढ़ के कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन उन्हें कहीं भी संतोषजनक आराम नहीं मिला।

​अपनी बीमारी से हताश होने के बाद, मुस्ताक एक महीना पहले खूनुआ स्थित हिंदुस्तान हॉस्पिटल में भर्ती हुए। यहां उन्होंने डॉ. अरफुल खान, MBBS MD Derma के कुशल मार्गदर्शन और इलाज में विश्वास जताया।

​मुस्ताक बताते हैं कि डॉ. अरफुल खान के इलाज से उन्हें केवल एक महीने में ही 75 प्रतिशत से ज़्यादा आराम मिल चुका है। पूरे शरीर में फैले झलके अब काफी हद तक ठीक हो चुके हैं, जिससे उनकी जिंदगी पटरी पर लौट रही है।

​मुस्ताक ने डॉ. अरफुल खान और हिंदुस्तान हॉस्पिटल के इलाज के प्रति अपनी पूरी संतुष्टि व्यक्त की है। उनका सफल इलाज न केवल मुस्ताक के लिए, बल्कि क्षेत्र के उन सभी मरीजों के लिए एक आशा की किरण है जो लंबे समय से त्वचा संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं।

​डॉ. अरफुल खान की विशेषज्ञता और हिंदुस्तान हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही इलाज और देखभाल से पुरानी से पुरानी बीमारी से भी मुक्ति पाई जा सकती है।

​डॉ अरफुल खान ने इस दुर्लभ और गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी पेम्फिगस वल्गारिस के बारे में बताया कि पेम्फिगस वल्गारिस एक दुर्लभ और गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपनी ही त्वचा और श्लेष्मा झिल्ली पर हमला करती है।

यह हमला त्वचा की कोशिकाओं को एक-दूसरे से जोड़ने वाले प्रोटीन को निशाना बनाता है, जिससे त्वचा की ऊपरी परत ढीली पड़ जाती है। इस बीमारी का मुख्य लक्षण दर्दनाक और आसानी से फटने वाले छाले (blisters) हैं, जो मुंह, गले, आंखों और जननांगों सहित शरीर के किसी भी हिस्से पर बन सकते हैं।

मुंह के छाले इस रोग का सबसे आम और अक्सर पहला लक्षण होते हैं, जिससे रोगी को खाने और निगलने में गंभीर परेशानी होती है। क्योंकि ये छाले जल्दी फट जाते हैं और गहरे घाव छोड़ जाते हैं, इसलिए संक्रमण (Infection) का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आमतौर पर मध्यम आयु वर्ग के लोगों (40 से 60 वर्ष) को अधिक प्रभावित करती है।

हिंदुस्तान हॉस्पिटल के प्रबंधक ज़हीर खान ने बताया कि हमारा लक्ष्य हिंदुस्तान हॉस्पिटल को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा का पर्याय बनाना है। हम समझते हैं कि मरीज का भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, इसलिए हम नैतिकता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हैं। हमारी टीम प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक रोगी को सम्मान और करुणा के साथ सर्वोत्तम संभव उपचार मिले। हम क्षेत्र के स्वास्थ्य मानकों को ऊपर उठाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।