बिहारी मुख्यमंत्री द्वारा महिला के हिजाब खींचने के विरोध में AIMIM का हल्लाबोल, राष्ट्रपति व राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

सी एम नीतीश के कृत्य से देश ही नहीं विदेश में भी भारी विरोध हो रहा है साथ ही सोशल मीडिया पर नीतीश की धोती खींचने का एक वीडियो जबरदस्त वायरल है।

सत्ता के नशे में चूर नेताओं द्वारा महिला गरिमा का अपमान बर्दाश्त नहीं— निशात अली

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश) | 20 दिसंबर 2025 ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सिद्धार्थनगर के जिला अध्यक्ष निशात अली के नेतृत्व में आज पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।

कार्यकर्ताओं ने बिहार के सी एम मुख्यमंत्री द्वारा एक महिला चिकित्सक के हिजाब को सार्वजनिक रूप से खींचने और मंत्री संजय निषाद के संवेदनहीन बयान के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हुआ बलात्कार

जिला अध्यक्ष निशात अली ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिला के धार्मिक पहनावे (हिजाब) के साथ छेड़छाड़ करना कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने इसे ‘लोकतांत्रिक मर्यादाओं का बलात्कार’ और सत्ता के नशे में किया गया धार्मिक दमन करार दिया।

निशात अली ने मंत्री संजय निषाद के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह कहना कि ‘हिजाब ही तो खींचा है’, महिलाओं के प्रति सत्ताधारी दल की अपराधी मानसिकता को दर्शाता है। ऐसे बयान यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों को बढ़ावा देते हैं।

संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाने का आरोप

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यह कृत्य भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19, 21 और 25 का उल्लंघन है, जो समानता, गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देते हैं। साथ ही, इसे भारतीय न्यायसंहिता (BNS) की धारा 74 और 79 के तहत दंडनीय अपराध बताया गया है।

AIMIM की प्रमुख मांगें:
सार्वजनिक माफी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तत्काल इस कृत्य के लिए सार्वजनिक माफी मांगें।
* मंत्री की बर्खास्तगी: विवादित बयान देने वाले मंत्री संजय निषाद को मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त किया जाए।
* न्यायिक जांच: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र न्यायिक जांच सुनिश्चित की जाए।
* सुरक्षा व मुआवजा: पीड़ित महिला चिकित्सक को उचित सुरक्षा और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए।
* कठोर कार्रवाई: महिला अपमान के मामलों में ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाए।

पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो AIMIM लोकतांत्रिक और कानूनी मार्ग अपनाते हुए व्यापक जनांदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इनकी रही उपस्थिति:
इस अवसर पर यूथ जिला अध्यक्ष मेराज चौधरी, जिला मुख्य महासचिव नईम अख्तर अंसारी, जिला महासचिव इरफान अहमद, हिदायतुल्लाह शम्सी, खान रिज़वान, शकील अहमद, शम्स तबरेज खान, अरमान कुरैशी, जहीरुद्दीन, आसिफ इकबाल, आफताब अहमद, सैफुल्लाह, अताउर्रहमान, सफुवन, अब्दुल सलाम खान, मुजीबुर्रहमान, रमजान, रहमान खान, असलम खान, कलामुद्दीन, साहिल खान, फरहान खान, अकरामुद्दीन, महीबुल्लाह, रियाज खान और सादाब खान सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।