बढ़नी: बिना रीडिंग दफ्तर में बैठकर बना रहे बिजली बिल, उपभोक्ताओं में भारी रोष

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बिना मीटर रीडिंग किए ही मनमाना बिल भेजने का मामला प्रकाश में आया है। दफ्तर में बैठकर तैयार किए जा रहे इन ‘कागजी’ बिलों के कारण उपभोक्ताओं को भारी मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।

पारदर्शिता पर उठे सवाल
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली अक्सर चर्चाओं और विवादों में रहती है। नियमतः विभाग ने उपभोक्ताओं के घरों में लगे मीटर की सटीक रीडिंग के लिए कर्मियों की तैनाती की है। इसके बावजूद, नगर पंचायत बढ़नी और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से यह शिकायतें आ रही हैं कि जिम्मेदार अफसर और कर्मचारी फील्ड में जाने के बजाय ऑफिस में बैठकर ही बिलिंग कर रहे हैं। बिना मीटर देखे सीधे मोबाइल पर मैसेज के जरिए बिल भेज देना विभाग की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है।

बुद्धिजीवियों ने जताया विरोध
क्षेत्र के दर्जनों बुद्धिजीवियों और संभ्रांत नागरिकों का कहना है कि विद्युत विभाग का यह रवैया सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने जैसा है। लोगों का आरोप है कि इस मनमानी के कारण बिल की राशि वास्तविक खपत से कहीं अधिक आ रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि विभाग की इस निरंकुश कार्यप्रणाली पर तत्काल अंकुश लगाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।