📅 Published on: March 11, 2026
Kapilvastupost
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। विकास खंड बढ़नी में सरकारी नियमों और शुचिता की धज्जियां उड़ाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। चर्चा है कि यहाँ तैनात ग्राम विकास अधिकारी (VDO) शीला पटेल के सरकारी दायित्वों का निर्वहन उनके स्थान पर उनका बेटा कर रहा है। ब्लॉक मुख्यालय से लेकर ग्राम पंचायतों तक यह चर्चा आम है कि फाइलों के निस्तारण से लेकर फील्ड के कार्यों तक में ‘साहब’ के बजाय उनके ‘सुपुत्र’ का दखल रहता है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठते सवाल
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल ब्लॉक के आला अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन किसी ने भी अब तक इस ‘प्रॉक्सी कल्चर’ पर लगाम लगाने की जहमत नहीं उठाई। क्या खंड विकास अधिकारी और अन्य उच्चाधिकारियों को इस बात की भनक नहीं है? या फिर जानबूझकर इस मनमानी को संरक्षण दिया जा रहा है?
सरकारी कुर्सी पर बैठकर जनता की सेवा की शपथ लेने वाली अधिकारी की जगह एक बाहरी व्यक्ति का दखल न केवल प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह भ्रष्टाचार और गोपनीयता की शर्तों के साथ भी खिलवाड़ है।
‘डिजिटल सिग्नेचर’ और ‘लॉगिन आईडी’ की सुरक्षा खतरे में
ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों की बैठकों और स्थलीय निरीक्षण के दौरान अक्सर अधिकारी के स्थान पर उनके बेटे को देखा जाता है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी लॉगिन आईडी और पासवर्ड जैसी गोपनीय चीजें भी परिवार के सदस्यों के हाथ में हैं? यदि सरकारी कामकाज में इसी तरह परिवारवाद हावी रहा, तो आम जनता को न्याय और निष्पक्ष विकास की उम्मीद कैसे होगी?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर दोषी कर्मचारी और उन्हें मौन सहमति देने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी ‘ठंडे बस्ते’ के हवाले कर दिया जाएगा।