📅 Published on: April 14, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में खाकी और रसूखदारों के बीच कथित मिलीभगत का एक गंभीर मामला सामने आया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमर नाथ अग्रहरी ने **उसका बाजार पुलिस** पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) को शिकायती पत्र भेजा है। अग्रहरी ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मांग पूरी न होने पर **आमरण अनशन** पर बैठने का भी ऐलान कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेसी नेता अमर नाथ अग्रहरी का आरोप है कि उन्होंने क्षेत्र में हो रहे एक **अवैध निर्माण** के संबंध में उसका बाजार पुलिस को पुख्ता सूचना दी थी। उनका दावा है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर ली। आरोप के मुताबिक, पुलिस ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर निर्माण कार्य नहीं रुकवाया और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।
गोपनीयता भंग करने का आरोप
अग्रहरी ने पत्र में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनकी शिकायत की जानकारी विपक्षी (प्रतिवादी) पक्ष को दे दी। इसके बाद से ही दबंग विपक्षी नेता उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं। अग्रहरी ने बताया कि विपक्षी पक्ष राजनीतिक रूप से रसूखदार और दबंग है, जिससे उनका परिवार गहरे भय में है।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
DIG को भेजे गए पत्र में कांग्रेसी नेता ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
* **उसका बाजार थानाध्यक्ष** समेत दोषी उपनिरीक्षकों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए।
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विपक्षी दलों के साथ-साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन की होगी। मांगें न माने जाने की स्थिति में उन्होंने आमरण अनशन की बात कही है।