बुद्ध विद्यापीठ इंटर कॉलेज बर्डपुर के भूगोल प्रवक्ता पर कूटरचित दस्तावेज से नौकरी पाने का आरोप, मोहाना थाना में FIR दर्ज

सिद्धार्थनगर में अब तक 150 से अधिक फर्जी शिक्षकों पर FIR — शिक्षा व्यवस्था में बड़े घोटाले का खुलासा

गुरु जी की कलम से , सिद्धार्थनगर।

जनपद के शिक्षा जगत में एक बार फिर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। बुद्ध विद्यापीठ इंटर कॉलेज बर्डपुर के भूगोल प्रवक्ता राम पुकार यादव पुत्र राम वचन यादव पर आरोप है कि उन्होंने कूटरचित (जाली) अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर वर्षों से नौकरी की। मामले में CJM कोर्ट के आदेश पर मोहाना थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

कॉलेज प्रबंधक राजेश चंद शर्मा पुत्र स्व. नंद लाल शर्मा ने न्यायालय में वाद दाखिल करते हुए बताया कि राम पुकार यादव की 30 मार्च 2002 को माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 के अंतर्गत विषय विशेषज्ञ (भूगोल प्रवक्ता) के पद पर नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के लिए 1 जुलाई तक न्यूनतम चार वर्ष का शैक्षणिक अनुभव अनिवार्य था।

जाली दस्तावेज से मिली नौकरी

इस शर्त की पूर्ति के लिए आरोपी ने श्रीराम इंटर कॉलेज, तेलिया कलां, देवरिया से जारी एक अध्यापन अनुभव प्रमाण पत्र (दिनांक 10 अगस्त 2001) प्रस्तुत किया था, जिसमें दर्शाया गया था कि वे 10 जुलाई 1997 से उस संस्था में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

RTI से हुआ खुलासा

23 जुलाई 2024 को सूचना के अधिकार (RTI) के अंतर्गत प्राप्त जवाब ने पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया। श्रीराम इंटर कॉलेज, तेलिया कलां, देवरिया ने लिखित रूप से स्पष्ट किया कि वर्ष 1996 से 2001 के बीच उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार संस्था में किसी भी शिक्षक की — न अस्थाई, न स्थाई — नियुक्ति नहीं हुई थी।

इससे स्पष्ट हो गया कि राम पुकार यादव ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की और दो दशक से अधिक समय तक सरकारी वेतन उठाते रहे।

कौन-कौन सी धाराएं लगीं?

CJM कोर्ट के आदेश पर मोहाना थाना पुलिस ने आरोपी राम पुकार यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है:

– **धारा 316(2)** — जालसाजी
– **धारा 319(2)** — कूटरचित दस्तावेज का उपयोग
– **धारा 318(4)** — धोखाधड़ी
– **धारा 336(3)** — मिथ्या साक्ष्य
– **धारा 338** — झूठे दस्तावेज निर्माण
– **धारा 340** — धोखे से संपत्ति प्राप्त करना

पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

**सिद्धार्थनगर में 150 से अधिक फर्जी शिक्षकों पर FIR**

यह मामला अकेला नहीं है। सिद्धार्थनगर जनपद में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की एक पूरी फेहरिस्त सामने आ चुकी है। अब तक जिले में **150 से अधिक फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध FIR दर्ज** की जा चुकी है। यह मामला शिक्षा विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया में दशकों तक चली लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर करता है।