सिद्धार्थनगर: घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत से उपभोक्ता परेशान, घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे लोग

*सन एचपी गैस एजेंसी रमवापुर राउत पर लगा अनियमितता का आरोप, भीषण गर्मी में बुजुर्ग और महिलाएं परेशान, कालाबाजारी की आशंका**

Kapilvastupost
**सिद्धार्थनगर।** जनपद के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र स्थित रमवापुर राउत की सन एचपी गैस एजेंसी पर घरेलू गैस सिलेंडर वितरण को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के दर्जनों उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें समय पर घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे उनके सामने रसोई का चूल्हा जलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
**भीषण गर्मी में सुबह से लग रही लंबी कतारें**
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए सुबह से ही एजेंसी परिसर के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग उपभोक्ताओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करने के बाद भी बिना सिलेंडर लिए खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हैं।
**पर्याप्त स्टॉक के बावजूद वितरण न करने का आरोप**
उपभोक्ताओं का गंभीर आरोप है कि एजेंसी पर पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर मौजूद होने के बावजूद आम लोगों को समय पर वितरण नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि बार-बार एजेंसी का चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल कोरा आश्वासन दिया जाता है। इसके चलते कई परिवारों के सामने खाना बनाने तक का संकट उत्पन्न हो गया है।
**कालाबाजारी की आशंका से बाजार गर्म**
कुछ उपभोक्ताओं ने दबी जुबान में यह भी आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी (ब्लैक मार्केटिंग) की जा रही है। उनका कहना है कि एजेंसी से जुड़े कुछ लोग मनमाने तरीके से सिलेंडरों का वितरण करते हैं, जिससे पात्र और आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पाती। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
**उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को लग रहा झटका**
उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन तो उपलब्ध करा दिए गए हैं, लेकिन समय पर सिलेंडर न मिलने से इन जनकल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। लोगों ने मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए और उपभोक्ताओं को निर्धारित समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
**प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग**
ग्रामीणों और पीड़ित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि एजेंसी द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही की जा रही है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आ सके और आम जनता को राहत मिले।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन उपभोक्ताओं की इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की जांच कर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग गैस सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं और जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।