📅 Published on: April 18, 2026
Kapilvastupost
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।** पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह (डाक बंगला) में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ‘चन्द्रशेखर जी के लोग’ संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के संघर्षशील जीवन और उच्च राजनैतिक आदर्शों को याद किया।
निर्भीक व्यक्तित्व और ‘युवा तुर्क’ की पहचान
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता **मु. इब्राहिम** ने कहा कि चन्द्रशेखर जी भारतीय राजनीति के उन विरले व्यक्तित्वों में से थे, जिन्होंने बलिया के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अपनी मेहनत और सिद्धांतों के दम पर देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया। उन्होंने राजनीति में परिवारवाद का डटकर विरोध किया और हमेशा शुचिता एवं नैतिकता को सर्वोपरि रखा। अपने बेबाक अंदाज और निर्भीक निर्णयों के कारण ही उन्हें ‘युवा तुर्क’ और ‘दाढ़ी वाले बाबा’ जैसे उपनामों से जाना गया।
संसदीय मूल्यों के प्रतीक
वक्ताओं ने उल्लेख किया कि 1990 में प्रधानमंत्री के रूप में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की कमान संभालते हुए उन्होंने अभूतपूर्व दृढ़ता का परिचय दिया। संसदीय कार्यप्रणाली में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 1995 में **‘आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंटेरियन अवार्ड’** से भी सम्मानित किया गया था।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर युवा नेता जावेद खान, पूर्व प्रधान गयासुद्दीन खान, शकील शाह, मसूद अजहर, कर्तव्य यादव, फैजान और दशरथ सहित कई स्थानीय लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और सादगीपूर्ण जीवन अपनाने का संकल्प लिया।