*सिद्धार्थनगर: लाइफ केयर हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत मामले में जांच शुरू, अस्पताल में नहीं मिली लेबर रूम व ओटी की व्यवस्था**

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**सिद्धार्थनगर।**
इटवा कस्बे के ‘लाइफ केयर हॉस्पिटल’ में बीते 28 मई को प्रसव (डिलिवरी) के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की दर्दनाक मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम ने शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर मामले की गहन तहकीकात की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
### **जांच में बड़ा खुलासा: बिना ओटी और लेबर रूम के चल रहा था खेल**
नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. एमएम त्रिपाठी ने जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:
* लाइफ केयर हॉस्पिटल केवल **ओपीडी (OPD)** और **आईपीडी (IPD)** के लिए पंजीकृत है।
* अस्पताल परिसर में प्रसव कराने के लिए **लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर (OT) की कोई व्यवस्था ही नहीं पाई गई।**
बिना जरूरी संसाधनों और अनुमति के वहां प्रसव कराया जा रहा था, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ है।
### **तीन सदस्यीय टीम ने दर्ज किए बयान**
शुक्रवार को अस्पताल पहुंची संयुक्त जांच टीम में शामिल मुख्य अधिकारी:
1. **डॉ. एमएम त्रिपाठी** (नोडल अधिकारी, नैदानिक स्थापना)
2. **डॉ. शाहीन** (स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज)
3. **डॉ. प्रशांत मौर्य** (बाल रोग विशेषज्ञ, लोटन सीएचसी)
टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही अस्पताल स्टाफ और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए हैं। इस दौरान पटल सहायक अभिनव मणि त्रिपाठी और माधवानंद भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
> **”जांच प्रक्रिया अभी प्रचलित है। सभी पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच पूरी होते ही विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही सीएमओ (CMO) को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”**
> — *डॉ. एमएम त्रिपाठी, नोडल अधिकारी*
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