📅 Published on: July 27, 2026
निजाम अंसारी
* सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
सिद्धार्थनगर जिले के भनवापुर विकासखंड क्षेत्र से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पिपरा कानून गो स्थित एसडीआरके नेशनल एकेडमी (SDRK National Academy) पर नौनिहालों के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। विद्यालय प्रबंधन पर आरोप है कि वह छात्रों को फर्जी तरीके से ‘पूर्व माध्यमिक विद्यालय तरहर’ के नाम की स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) जारी कर रहा है। मामले के सामने आते ही शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
### **वॉइस ओवर (VO)**
**1.** मामले की जमीनी पड़ताल के दौरान जब हमारी टीम ने ‘पूर्व माध्यमिक विद्यालय तरहर’ के प्रधानाध्यापक से सीधी बातचीत की, तो पूरे खेल की पोल खुल गई। प्रधानाध्यापक ने साफ तौर पर कहा कि उनके विद्यालय की ओर से ऐसा कोई भी स्थानांतरण प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी स्कूल के नाम पर ये फर्जी दस्तावेज किस आधार और किसकी शह पर तैयार किए जा रहे थे?
**2.** अगर ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह महज कागजी हेरफेर नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और पूरी शिक्षा प्रणाली के साथ किया गया एक गंभीर अपराध है। इस पूरे प्रकरण ने निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी और विभागीय निगरानी व्यवस्था की ढिलाई को बेनकाब कर दिया है।
**3.** मामले में जब सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से पक्ष लिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। बीएसए के अनुसार, जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं और नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
**4.** अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और मासूम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इन शिक्षा माफियाओं पर कानून का शिकंजा कब तक कसता है।
### **बाइट (Bite sequence)**
* **बाइट 1:** सुरेंद्र चौरसिया (छात्र)
* **बाइट 2:** श्रद्धा मिश्रा (छात्रा)
* **बाइट 3:** दिनेश मिश्रा (अभिभावक)