**सिद्धार्थनगर: ‘दबंगों ने घर में घुसकर पीटा, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद’, पीड़ित ने लगाया गंभीर आरोप**

**लोकेशन:** सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)
**ब्यूरो रिपोर्ट:**
सिद्धार्थनगर जनपद के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और तत्परता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत कोदईजोत के रहने वाले पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने वक्त रहते उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण उन्हें न सिर्फ न्याय के लिए भटकना पड़ा, बल्कि दोबारा प्रताड़ना का सामना भी करना पड़ा। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

**दबंगों पर घर में घुसकर मारपीट का आरोप**
मामला त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के कोदईजोत गांव का है। पीड़ित बलराम यादव के मुताबिक, बीते 26 तारीख को उनकी भतीजी जमुना पांडे के घर गई थी, जहां उसके साथ मारपीट की गई। जब परिवार के लोग इस बात का कारण पूछने पहुंचे, तो कथित तौर पर दबंगों ने आक्रोशित होकर उनके घर पर धावा बोल दिया। घर में घुसकर कई लोगों ने मिलकर पीड़ित परिवार के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
**112 को दी सूचना, लेकिन कार्रवाई में देरी का आरोप**
पीड़ित बलराम यादव का कहना है कि घटना की जानकारी तत्काल डायल 112 और स्थानीय त्रिलोकपुर पुलिस को दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने भी ले आई। लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के दिन न तो पुलिस ने उनका प्रार्थना पत्र (तहरीर) लिया और न ही उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
**पीड़ित का गंभीर आरोप:** “पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर लेकर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, पुलिस की इस ढिलाई के कारण रात में विपक्षी दल ने दोबारा हमारे साथ मारपीट की। घटना 26 को हुई, लेकिन पुलिस ने हमारा मेडिकल अगले दिन यानी 27 तारीख को कराया।”
**उठ रहे हैं कई सुलगते सवाल:**
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब खाकी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं:
* यदि घटना 26 तारीख को हुई और पुलिस को तुरंत सूचना मिली, तो मेडिकल कराने में अगले दिन तक की देरी क्यों हुई?
* क्या पीड़ित पक्ष की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया?
* क्या दोनों पक्षों के साथ पुलिस का व्यवहार निष्पक्ष था?
### **मामले पर पुलिस का पक्ष (Official Statement):**
इन तमाम आरोपों को लेकर जब **प्रभारी निरीक्षक, थाना त्रिलोकपुर** से बात की गई, तो उन्होंने इन आरोपों को एकतरफा बताया। थाना प्रभारी का कहना है कि:
> “मारपीट की इस घटना में दोनों ही पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी है और दोनों ही तरफ से मुकदमा (क्रॉस केस) दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

**बाइट:** बलराम यादव (पीड़ित)