📅 Published on: June 11, 2026
निज़ाम अंसारी
बांसी (सिद्धार्थनगर): मजदूरी के पैसे मांगने पर एक युवक और उसकी बहन की बेरहमी से पिटाई करने के गंभीर मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (बांसी) सतीश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड (जुर्माने) की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना कोरोना काल के दौरान 2 जुलाई 2020 की है। बांसी थाना क्षेत्र के ग्राम बंधवाताल निवासी वादी दिनेश (पुत्र राम सुमेर निषाद) ने धान की नर्सरी काटने की अपनी मजदूरी के पैसे अभियुक्त पुजारी से मांगे थे। मजदूरी मांगने से नाराज होकर अभियुक्त पुजारी (पुत्र तुलसी), अर्जुन (पुत्र तुलसी) और राहुल (पुत्र पुजारी) ने दिनेश को जातिसूचक शब्द कहे और अभद्र गालियां देना शुरू कर दिया।
भाई को बचाने आई बहन पर भी टूटा कहर
जब दिनेश ने इस गाली-गलौज का विरोध किया, तो तीनों आरोपियों ने लाठी, डंडे और लात-घूसों से उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच जब दिनेश की बहन सुधा अपने भाई को बचाने के लिए दौड़ी, तो अभियुक्तों ने उसे भी नहीं बख्शा और उसकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी।
महामारी और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी दर्ज था केस
चूंकि यह वारदात साल 2020 में लॉकडाउन अवधि के दौरान हुई थी, इसलिए पुलिस ने मारपीट की गंभीर धाराओं के साथ-साथ अभियुक्तों के खिलाफ महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार त्रिपाठी ने पत्रावली पर उपलब्ध सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद तीनों अभियुक्तों (पुजारी, राहुल और अर्जुन) को दोषी पाते हुए जेल और जुर्माने की सख्त सजा सुनाई।