सिद्धार्थनगर: पिता की डांट से नाराज होकर मुंबई भाग रही थीं 3 किशोरियां, पुलिस और RPF ने गोंडा स्टेशन से किया सुरक्षित बरामद

गुरु जी की कलम से

**सिद्धार्थनगर।** उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद अंतर्गत मोहाना थाना क्षेत्र से रविवार तड़के लापता हुई तीन किशोरियों को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। मोहाना पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त कार्रवाई में इन तीनों बच्चियों को गोंडा रेलवे स्टेशन पर मुंबई (पनवेल) जाने वाली एक सुपरफास्ट ट्रेन से दस्तयाब किया गया। बरामदगी के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर किशोरियों को फिलहाल चाइल्ड केयर की निगरानी में सौंप दिया गया है।
शौच के लिए निकली थीं घर से, फिर हो गईं लापता
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला रविवार सुबह का है। रविवार तड़के करीब 4:00 बजे शिवपति नगर टोला महगूचक की रहने वाली चांदनी रावत (13 वर्ष), अंजलि रावत (15 वर्ष) और डफालीपुर की रहने वाली खुशी रावत (16 वर्ष) घर से शौच के लिए निकली थीं।
जब काफी देर तक तीनों लड़कियां घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की, लेकिन काफी तलाश के बाद भी जब बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला, तो थक-हारकर परिजनों ने मामले की सूचना तुरंत स्थानीय मोहाना थाने को दी।
थाना प्रभारी ने गठित कीं 4 टीमें, रेलवे स्टेशन पर बढ़ाई निगरानी
मामले की संवेदनशीलता और किशोरियों की सुरक्षा को देखते हुए मोहाना थाना अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए पुलिस की चार अलग-अलग टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर तेजी से जांच शुरू कर दी। इस दौरान बच्चियों के संभावित ठिकानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी गई।
खुफिया इनपुट और संयुक्त प्रयास से गोंडा में मिली सफलता
तलाश के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण इनपुट (सुराग) मिला, जिसके आधार पर मोहाना पुलिस ने तुरंत रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ (RPF) से संपर्क साधा। संयुक्त प्रयासों के तहत गोंडा रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान पनवेल जाने वाली एक सुपरफास्ट ट्रेन में तीनों किशोरियां बैठी मिल गईं, जिन्हें पुलिस टीम ने सुरक्षित अपनी कस्टडी में ले लिया।
पिता की डांट से थीं नाराज, पास से मिला मुंबई का टिकट
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद की गई किशोरियों के पास से मुंबई जाने का कंफर्म टिकट भी बरामद हुआ है। पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे अपने पिता की डांट-फटकार से बेहद नाराज थीं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने घर छोड़ने का आत्मघाती कदम उठाया और मुंबई भागने के लिए निकल पड़ी थीं। पुलिस और आरपीएफ की समय रहते सक्रियता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपी जाएंगी बच्चियां
सकुशल बरामदगी के बाद आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक संजय कुमार ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया और तीनों किशोरियों को सुरक्षित चाइल्ड केयर के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का बयान:
“त्वरित कार्रवाई और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर समन्वय से तीनों बच्चियों को समय रहते सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है। अब बच्चियों के अभिभावकों को बुलाकर उनकी उचित काउंसलिंग कराई जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार किशोरियों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।”