शोहरतगढ़ सीएचसी में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 13 बिंदुओं पर शिकायत के बाद CMO ने बैठाई जांच

गुरु जी की कलम से
**सिद्धार्थनगर।** स्वास्थ्य विभाग के शोहरतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात ब्लॉक लेखा प्रबंधक (BAM) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर साक्ष्यों के साथ की गई इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
10 साल से जमे अधिकारियों पर ‘वर्चस्व’ और ‘वसूली’ का आरोप
शिकायतकर्ता कृष्ण प्रताप सिंह (निवासी: टीचर कॉलोनी, शोहरतगढ़) का आरोप है कि सीएचसी में तैनात बैम और बीपीएम पिछले एक दशक से भी अधिक समय से यहीं जमे हुए हैं। स्थानीय होने के कारण इन दोनों कर्मचारियों ने अपना वर्चस्व बना रखा है और वे अपने मनमाने ढंग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को चला रहे हैं।
इन 13 गंभीर बिंदुओं पर फंसा पेंच
शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के साथ जिन 13 बिंदुओं पर जांच की मांग की है, वे निम्नलिखित हैं:
* **1.** आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के खाते में आने वाली धनराशि में गड़बड़ी।
* **2.** ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के फंड का दुरुपयोग।
* **3.** किशोर-किशोरी एएचडी (AHD) कार्यक्रम के तहत तिमाही बजट में अनियमिता।
* **4.** जननी सुरक्षा योजना (JSY) के भुगतान और भोजन खर्च में धांधली।
* **5.** गर्भवती महिलाओं के भोजन का पैसा स्वयं सहायता समूह के बजाय किसी निजी एजेंसी के खाते में भेजना।
* **6.** बिना लॉग बुक के ही जनरेटर तेल का फर्जी भुगतान।
* **7.** आरबीएसके (RBSK) सरकारी वाहन का बैम (BAM) द्वारा निजी इस्तेमाल।
* **8.** बीपीएम (BPM) का मनमाने तरीके से ड्यूटी पर आना-जाना।
* **9.** सीएचओ (CHO) की मनमानी ड्यूटी को छिपाने के लिए अवैध वसूली।
* **10.** इंडीकेटर पर बिना काम किए ही सीएचओ को पीबीआई (PBI) का भुगतान करना।
* **11.** रोगी कल्याण समिति की बैठक किए बिना ही फंड खर्च दिखाना।
* **12.** सीएचसी सरकारी आवासों में संविदाकर्मियों का अवैध रूप से निवास।
* **13.** सिजेरियन डिलीवरी (सीजर ऑपरेशन) के नाम पर गर्भवती महिलाओं से अवैध वसूली।
अधीक्षक की ‘क्लीन चिट’ रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल
मामले में मोड़ तब आया जब 4 जून 2026 को सीएचसी अधीक्षक ने एक जूनियर डॉक्टर के हस्ताक्षर युक्त रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर दी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि शिकायतकर्ता से फोन पर बात की गई थी और उन्हें साक्ष्य के साथ बुलाया गया, लेकिन वे नहीं आए; इसलिए आगे की कार्रवाई संभव नहीं है।
इस रिपोर्ट के सामने आते ही शिकायतकर्ता कृष्ण प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर इस दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि उनसे न तो कोई संपर्क किया गया और न ही कोई फोन वार्ता हुई। विभागीय गलियारों में भी चर्चा है कि जब शिकायत पत्र के साथ पहले से ही सबूत संलग्न थे, तो अधीक्षक किस नए साक्ष्य के लिए शिकायतकर्ता को बुला रहे थे?
दो सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी करेगी जांच
शिकायतकर्ता के असंतोष और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने मामले को अपने हाथ में लिया है। “शोहरतगढ़ सीएचसी पर भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें एसीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार व डिप्टी सीएमओ डॉ. वीएन चतुर्वेदी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
**डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ**