डीएम के विद्यालय बंद आदेश की खुली पोल: बंदी के बावजूद खुला आंगनबाड़ी केंद्र, पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिरा, बड़ा हादसा टला

गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर द्वारा 21 जुलाई को सभी विद्यालयों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन विकास खंड बढ़नी की ग्राम पंचायत घरुआर के डढ़ऊल टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम में आदेश की अनदेखी करते हुए बच्चों की पढ़ाई जारी रही। इसी दौरान जर्जर भवन की छत से प्लास्टर का एक बड़ा टुकड़ा अचानक गिर पड़ा, जिससे वहां रखी प्लास्टिक की कुर्सी और मेज टूट गई। गनीमत रही कि उस समय बच्चे उसकी चपेट में नहीं आए और एक बड़ा हादसा टल गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मीनू देवी ने बताया कि सुबह लगभग 8:30 बजे साक्षी (5 वर्ष), ऋषभ (3 वर्ष) और कार्तिक (2 वर्ष) सहित बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। तभी छत से प्लास्टर गिर गया। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है और यहां बच्चों को बैठाना सुरक्षित नहीं है। इसी केंद्र पर बच्चों की शिक्षा, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण तथा पोषाहार वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी संचालित होते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2023-24 में पंचायत निधि से इस भवन की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन तीसरी ही बरसात में छत से प्लास्टर गिरने की घटना ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि तत्कालीन खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर राज्य वित्त मद से भवन में पेंटिंग, चित्रकारी, फर्श पर टाइल्स, किचन की आंशिक मरम्मत, वायरिंग तथा टूटे-फूटे प्लास्टर की मरम्मत कराई गई थी।
सीडीपीओ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन फिलहाल निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय में कराया जाएगा तथा पूरे मामले से जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को अवगत कराया जाएगा।
यह घटना सरकारी भवनों की गुणवत्ता, निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक आदेशों के पालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।